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राजस्थान: कृषि कानून के विरोध में बैलगाड़ी से जनसभा में पहुंचे सचिन पायलट, मोदी सरकार पर साधा निशाना

पायलट ने केंद्र की भाजपा सरकार पर घमंडी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक माह से भी अधिक समय से इस भीषण सर्दी में हज़ारों किसान सड़कों पर डेरा डाले हुए लेकिन सरकार ना तो इस काले कानून को वापस ले रही है ना ही एमएसपी पर कोई लिखित आश्वासन दे रही है.

कांग्रेस नेता सचिन पायलट. (फाइल फोटो) कांग्रेस नेता सचिन पायलट. (फाइल फोटो)
शरत कुमार
  • जयपुर,
  • 10 जनवरी 2021,
  • अपडेटेड 10:55 PM IST
  • पायलट बोले- बीजेपी पर घमंड सवार है
  • कृषि कानूनों के विरोध में किया जन संवाद

राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट केंद्र सरकार के कृषि कानून के विरोध में किसानों के बीच बैलगाड़ी पर बैठकर पहुंचे. कृषि कानून के विरोध में चलाये जा रहे कार्यक्रम को लेकर सचिन पायलट ने रविवार को टोंक ज़िले की 11 ग्राम पंचायतों का दौरा किया. सचिन पायलट ने किसानों से जन संवाद करते हुए कृषि कानून को मोदी सरकार की किसानों को बर्बाद किये जाने की सोची -समझी रणनीति बताया.

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पायलट ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार छोटे व मंझोले किसानों को खत्म कर पूरी व्यवस्था बहुराष्ट्रीय कंपनियों के हाथों में सौंपने जा रही है. उन्होंने कहा कि यही कारण है कि सभी राज्यों के किसान संगठन व भाजपा को छोड़ देश के सभी राजनीतिक दल इन तीनों कानूनों को वापस लिए जाने की मांग को लेकर विरोध कर रहे हैं.

सचिन पायलट ने केंद्र की भाजपा सरकार पर घमंडी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक माह से भी अधिक समय से इस भीषण सर्दी में हज़ारों किसान सड़कों पर डेरा डाले हुए हैं लेकिन सरकार ना तो इस काले कानून को वापस ले रही है ना ही एमएसपी पर कोई लिखित आश्वासन दे रही है. पायलट ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार के दिल में कितनी खोट है इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इन कानूनों को लाने से पहले राजनीतिक पार्टियों से कोई चर्चा नहीं की, ना ही किसान संगठनों के साथ बैठक की.

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पायलट ने विधायक मदन दिलावर का नाम लिये बिना किसानों के संबंध में की गई आपत्तिजनक टिप्पणी की भी आलोचना की. साथ ही राज्य व केंद्र के कई भाजपा नेताओं द्वारा किसानों को नक्सलवादी, आतंकवादी कहे जाने व अन्य आरोप लगाये जाने को भी बेहद ग़ैर ज़िम्मेदाराना बताया. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस आंदोलन का कोई परिणाम निकाले जाने की जगह सिर्फ किसानों को थकाने व उनके आंदोलन के दमन का काम कर रही है.

फोटो- ट्विटर

सचिन पायलट ने अपने दौरे की शुरूआत चंदलाई ग्राम पंचायत से की और लोगों को भरोसा दिलाया कि आगामी तीन वर्षों में हर क्षेत्र में विकास कार्य देखने को मिलेगें. पायलट इसके बाद लवादर, घांस, हरचंदेड़ा, बमोर ग्राम पंचायत के मुख्यालयों पर भी पहुंचे. यहां  उन्होंने किसानों से जन संवाद करते हुए उनसे कृषि कानूनों के खिलाफ आवाज बुलंद करने का आह्वान किया. पायलट ने रविवार (10 जनवरी,2021) को ही सोनवा, अरनियामाल, काबरा, ताखोली, साखना, छान, दाखिया व लांबा ग्राम पंचायतों का दौरा करते हुए कृषि कानूनों के विरोध में रखे गये जनसंवाद कार्यक्रम को भी संबोधित किया.

ख़ास बात यह रही की घांस गांव में ग्रामीणों द्वारा पायलट के लिये ट्रैक्टर सवारी का आयोजन रखा गया था लेकिन वहां सुरक्षा कारणों के चलते वह ट्रैक्टर की सवारी नहीं कर सके. हालांकि बाद में काबरा गांव में उन्होनें बैलगाड़ी की सवारी की और कुछ देर के लिये बैलगाड़ी भी चलाई. पायलट को इस दौरान ग्राम पंचायतों में 51-51 किलो की माला पहनाई गई व हल भेंट किया गया. इस दौरान कांग्रेस के निवर्तमान जिलाध्यक्ष लक्ष्मण चौधरी भी उनके साथ रहे.

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सचिन पायलट ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार घमंड में है और वह किसानों को थका कर इस आंदोलन को खत्म करना चाह रही है लेकिन कांग्रेस किसानों के साथ खड़ी है. केंद्र सरकार को खुद आगे बढ़कर इस आंदोलन का हल निकालना चाहिए. किसान भूखे प्यासे इतने दिनों से सड़कों पर बैठे हैं यह सब ठीक नहीं है.

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