
कांग्रेस, टीएमसी समेत कई दलों के आठ सांसदों के निलंबन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. राज्यसभा में आज कांग्रेस ने सभी सांसदों का निलंबन वापस लेने की मांग की, जबकि समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव ने निलंबित सांसदों की ओर से माफी की पेशकश. बावजूद इसके सभापति वेंकैया नायडू ने निलंबन वापस नहीं लिया. इसके बाद विपक्ष ने कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया.
समाजवादी पार्टी के राम गोपाल यादव ने निलंबित सदस्यों की ओर से उनके आचरण के लिए माफी मांगी, और निलंबन को तत्काल रद्द करने की मांग की, लेकिन कहा कि दोनों पक्षों से गलती हुई है. हालांकि इसके बाद सभापति वेंकैया नायडू ने कहा कि आप लोग आज का अखबार उठाकर देखिए. उन सासंदों ने मीडिया से बातचीत में न सिर्फ अपनी हरकत को जस्टिफाई किया है बल्कि कहा कि इसमें गलत क्या था.
सभापति वेंकैया नायडू ने कहा कि किसी भी मुद्दे पर डिविजन मांगना आपका अधिकार है लेकिन वेल में आने के बजाय आप सीट से भी ये काम कर सकते हैं. अगर आपको लगता है कि उपसभापति ने आपकी पूरी बात नहीं सुनी तो आप मेरे पास भी आ सकते हैं, लेकिन इस तरह की हरकत शोभा नहीं देती. इसके बाद सपा सांसदों ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया.
सदन से बाहर निकलकर राम गोपाल यादव ने कहा कि मैंने न केवल सांसदों की सदन वापसी की मांग की बल्कि मैंने विपक्ष की तरफ से माफी भी मांगी, लेकिन मेरी माफी के बदले कोई रिस्पांस नहीं दिया गया. इससे मुझे बहुत कष्ट हुआ. इसलिए मैं और मेरी पूरी पार्टी संसद के इस पूरे सत्र का बहिष्कार करती है.