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संजय निरुपम ने EVM से छेड़छाड़ के आरोपों को किया खारिज, बोले- EVM हैक हुई होती तो...

शिवसेना नेता संजय निरुपम ने रविवार को सांसद रवींद्र वायकर के रिश्तेदार मंगेर पांडिलकर के ऊपर लगाए आरोपों को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि महाविकास अघाड़ी (एमवीए) शिवसेना (एकनाथ शिंदे) की पार्टी को बदनाम करने के लिए अभियान चला रही है.

शिवसेना (एकनाथ शिंदे) पार्टी के नेता संजय निरुपम. शिवसेना (एकनाथ शिंदे) पार्टी के नेता संजय निरुपम.
aajtak.in
  • मुंबई,
  • 16 जून 2024,
  • अपडेटेड 10:30 PM IST

मुंबई पुलिस ने शिवसेना (एकनाथ शिंदे) के सांसद रवींद्र वायकर के रिश्तेदार मंगेर पांडिलकर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है. मंगेर पर लोकसभा चुनाव की मतगणना के दिन गोरेगांव चुनाव सेंटर के अंदर पाबंदी होने के बाद भी गलत तरीके से फोन इस्तेमाल करने का आरोप है. 

शिवसेना नेता संजय निरुपम ने रविवार को सांसद रवींद्र वायकर के रिश्तेदार मंगेर पांडिलकर के ऊपर लगाए आरोपों को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि महाविकास अघाड़ी (एमवीए) शिवसेना (एकनाथ शिंदे) की पार्टी को बदनाम करने के लिए अभियान चला रही है.

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पुलिस ने नवनिर्वाचित मुंबई उत्तर पश्चिम लोकसभा सांसद रवींद्र वायकर के बहनोई के खिलाफ 4 जून को वनराई में एक मतगणना केंद्र पर मोबाइल फोन का उपयोग करने के आरोप में मामला दर्ज किया था. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, फोन का इस्तेमाल मतगणना केंद्र पर वोटिंग मशीन को अनलॉक करने के लिए ओटीपी जनरेट करने के लिए किया गया था.

'EVM हैक हुई होती तो...'

इन्हीं आरोपों पर पलटवार करते हुए संजय निरुपम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'यह पहली बार है कि मैंने सुना  कि मोबाइल के जरिए ईवीएम को अनलॉक किया जा सकता है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी, वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव जैसे लोग ने ईवीएम हैकिंग का आरोप लगाया है. अगर यह (ईवीएम) हैक किया गया होता तो उनके उम्मीदवारों को वनराई मतदान केंद्र में अधिक वोट नहीं मिलते.'

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मुंबई उत्तर पश्चिम सीट पर शिवसेना के रवींद्र वायकर ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के उम्मीदवार अमोल सजनान कीर्तिकर के खिलाफ सिर्फ 48 वोटों के अंतर से जीत हासिल की है. हालांकि, यह बताया गया कि चुनाव आयोग द्वारा परिणाम घोषित करने से पहले एक इंडिया ब्लॉक उम्मीदवार ने सीट जीत ली थी.

निरुपम ने कहा कि जब गिनती चल रही थी तब मीडिया ने ही यह खबर चला दी कि कीर्तिकर जीत गए हैं. जैसा कि दोनों उम्मीदवारों की मांग पर दो बार रिकाउंटिंग हुई और प्रक्रिया साफ-सुथरी थी और सीसीटीवी में रिकॉर्ड की गई थी.

'कोई धोखाधड़ी नहीं हुई'

उन्होंने कहा, "वायकर ने कोई धोखाधड़ी नहीं की है. मतगणना केंद्र पर एक व्यक्ति फोन साथ ले गया, हो सकता है कि यह उसका फोन न हो, अगर उसने फोन था तो कार्रवाई करें, सिम कार्ड, फोन किसका है, यह पता लगाया जाएगा  कि फोन ओटीपी का इस्तेमाल ईवीएम को अनलॉक करने के लिए किया गया था. कोई भी ईवीएम फोन से संचालित नहीं होती. यह एक तथ्य है, तो फिर OTP का कोई सवाल ही नहीं है.

शिवसेना नेता ने जोर देकर कहा, "यह एमवीए और भारत गठबंधन द्वारा सेना सांसद रवींद्र वायकर के खिलाफ एक झूठी कहानी थी. मतदान एजेंटों को मतगणना केंद्रों के अंदर मोबाइल फोन का उपयोग करने की अनुमति नहीं होती.

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पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

मुंबई पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के मुताबिक मतदान अधिकारी दिनेश गौरव के पास ओटीपी जनरेट करने वाला फोन था और इस फोन को केवल अधिकारी ही डेटा एंट्री के लिए इस्तेमाल कर सकते थे, लेकिन फोन का इस्तेमाल मंगेश ने कॉल करने और रिसीव करने के लिए किया था. 

ईसीआई के अनुसार एक एनकोर ऑपरेटर डेटा संकलन के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर सकता है. इस फोन के जरिए डेटा एंट्री के लिए ओटीपी जनरेट किया गया है.

ये मामला सामने आने के बाद रविवार को विवाद खड़ा हो गया, जिसको लेकर विपक्षी नेताओं राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने शिवसेना सांसद रवींद्र वायकर के रिश्तेदार पर निशाना साधा शुरू कर दिया था. 

बंबई HC का रुख करेगी शिवसेना (UBT)

इस मामले को लेकर सत्ता और विपक्षी नेताओं में खींचतान शुरू हो गई है. अब शिवसेना यूबीटी ने इस मामले बंबई हाईकोर्ट जाने का फैसला किया है. यूबीटी चुनाव नियमों के उल्लंघन के साथ-साथ जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत याचिका दायर करेगी.

सीएम एकनाथ शिंदे ने किया पटलवार

इस मामले में राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपना बयान जारी कर कहा, 'कुछ लोग गलत जानकारी फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. जो पूरी तरह से झूठ है और पुलिस इस बारे में स्पष्टीकरण देगी. विपक्ष ने इतनी सीटें जीतीं, लेकिन उन्हें कोई समस्या नहीं है.पर जब रवींद्र वायकर सीटें जीत गए तो आप झूठ फैला रहे हैं, लेकिन ये लंबे वक्त तक काम नहीं करेगा. हालांकि, वो हंगामा करने की कोशिश कर रहे हैं. पर सच्चाई यह है कि क्षेत्र के लोगों ने रवींद्र वायकर को चुनाव जिताने का फैसला कर लिया है.'

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चुनाव आयोग ने दी सफाई

रिटर्निंग ऑफिसर वंदना सूर्यवंशी ने कहा कि आज जो खबर आई उस को लेकर कुछ लोगों ने ट्वीट किए. EVM को अनलॉक करने के लिए कोई OTP नहीं लगता है. EVM डिवाइस किसी से कनेक्ट नहीं रहता, अखबार द्वारा पूरी तरह से गलत खबर चलाई गई है. EVM standalone सिस्टम है. खबर पूरी तरह से गलत है हमने पेपर को नोटिस इशू किया है.मैंने पेपर के रिपोर्टर को समझाने की कोशिश की थी. 499 IPC के तहत मानहानि का केस भी किया गया है.

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