Advertisement

कर्नाटक में 73 से लेकर 2790 दिन तक भी रहे हैं सीएम, जानें किसने सबसे ज्यादा समय तक संभाली सत्ता

सिद्धारमैया कल कर्नाटक सीएम पद की शपथ लेंगे. सिद्धारमैया कर्नाटक के पहले मुख्यमंत्री रहे हैं, जिन्होंने 40 वर्षों के प्रदेश के इतिहास में पहली बार पांच साल का कार्यकाल पूरा किया था. आइए जानते हैं कर्नाटक के सीएम से जुड़े ऐसे ही कई राचक तथ्य.

सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार शनिवार को लेंगे पद की शपथ (फाइल फोटो) सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार शनिवार को लेंगे पद की शपथ (फाइल फोटो)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 19 मई 2023,
  • अपडेटेड 10:07 AM IST

सिद्धारमैया के एक बार फिर कर्नाटक के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं. वह 20 मई को बेंगलुरु में सीएम पद की शपथ लेंगे. इस कार्यक्रम में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के अलावा, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, जम्मू-कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की महबूबा मुफ्ती, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के डी राजा, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के महासचिव सीताराम येचुरी और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे कथित रूप से उपस्थित रहेंगे. इंडिया टुडे की डेटा इंटेलिजेंस यूनिट ने इस दौरान जब राज्य के पिछले मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल को देखा तो कई रोचक जानकारियां सामने आईं.

Advertisement

डी देवराज उर्स

रिसर्च में पता चला कि प्रदेश के नौवें सीएम डी देवराज उर्स का कार्यकाल सबसे लंबा था. उन्होंने दो अलग-अलग समय में सीएम पद पर रहते हुए 2,790 दिनों तक सेवा की थी. 

एस निजलिंगप्पा

इसके बाद कांग्रेस के सीएम रहे एस निजलिंगप्पा का नाम आता है. वह अपने दो कार्यकालों में 2,729 दिनों तक पद पर रहे थे. वह कर्नाटक के चौथे और 7वें मुख्यमंत्री थे. निजलिंगप्पा पहली बार 1956 में मुख्यमंत्री बने और दो साल से भी कम समय तक राज्य की सेवा की. इसके बाद वह 1962 में फिर से सीएम चुने गए और वह लगभग छह साल तक सेवा में रहे.

रामकृष्ण हेगड़े

रामकृष्ण हेगड़े राज्य में सबसे लंबे समय तक रहने वाले मुख्यमंत्रियों की सूची में तीसरे स्थान पर हैं. उन्होंने अलग-अलग पदों पर 1,967 दिनों तक सेवा की.

Advertisement

सिद्धारमैया

वहीं कर्नाटक के फिर से सीएम बनने जा रहे सिद्धारमैया कर्नाटक के पहले मुख्यमंत्री थे, जिन्होंने पिछले 40 वर्षों में पहली बार पांच साल का कार्यकाल पूरा किया. वह देवराज उर्स के बाद दक्षिणी राज्य के इतिहास में ऐसा करने वाले दूसरे मुख्यमंत्री भी हैं. मई 2013 में वह कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने और 15 मई 2018 को उनका कार्यकाल खत्म हो गया था. उन्होंने जनता दल और जनता दल (सेक्युलर) के नेतृत्व वाली पिछली दो सरकारों में डिप्टी सीएम के रूप में भी काम किया.

कदीदल मंजप्पा

ऐसे नौ मुख्यमंत्री रहे हैं, जिन्होंने एक वर्ष से भी कम समय तक दक्षिणी राज्य कर्नाटक की सेवा की. उनमें से कदीदल मंजप्पा ने सबसे कम दिनों तक सेवा की. उन्होंने 19 अगस्त, 1956 को सीएम पद की शपथ ली थी. वह केवल 73 दिनों के लिए ही सीएम बने थे. कर्नाटक के आधे से अधिक मुख्यमंत्रियों ने दो साल से कम समय तक सेवा की है.

छह बार राष्ट्रपति शासन लगा

कर्नाटक में छह बार राष्ट्रपति शासन भी लगा है. पहली बार 19 मार्च 1971 को वीरेंद्र पाटिल के इस्तीफे के बाद लागू हुआ था. यह लगभग एक साल तक रहा था. राज्य में राष्ट्रपति शासन की यह सबसे लंबी अवधि थी. आखिरी बार राष्ट्रपति शासन कर्नाटक में नवंबर 2007 में लगभग छह महीने के लिए लागू हुआ था. राज्य में 1947 से लेकर अब तक बने मुख्यमंत्रियों में से नौ लिंगायत समुदाय और सात वोक्कालिगा से रहे हैं.

Advertisement

(रिपोर्ट: अंकिता तिवारी)

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement