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'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' की तुलसी बनकर वोट नहीं मांगा, काम किया है: स्मृति ईरानी

स्मृति ईरानी ने कहा कि राहुल गांधी एक बहुत ही प्रतिष्ठित राजनीतिक खानदान से हैं. उस लेगेसी का उनक पर अपना एक बोझ है. एक उम्मीद है. लेकिन मैं एक साधारण परिवार से हूं. जब मेरा जन्म हुआ तो मेरे माता-पिता के पास 150 रुपये से ज्यादा नहीं थे. मैंने पहली नौकरी 1998 में बांद्रा के एक मैकडॉनल्ड्स रेस्तरां में की. मैं वहां 1500 रुपये में पोछा लगाती थी.

स्मृति ईरानी स्मृति ईरानी
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 29 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 11:23 PM IST

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी उत्तर प्रदेश के अमेठी से सांसद हैं. उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव में इस सीट से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को पटखनी दी थी. उन्होंने एक कार्यक्रम में अपनी उस ऐतिहासिक जीत को याद करते हुए भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि किसी राष्ट्रीय पार्टी के मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष को उनके परिवार के गढ़ में हराया.

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स्मृति ईरानी बुधवार को बिजनेस टुडे के 'द मोस्ट पावरफुल वीमेन इन बिजनेस अवॉर्ड्स' के कार्यक्रम में पहुंची थी. उन्होंने यहां कहा कि राहुल गांधी एक बहुत ही प्रतिष्ठित राजनीतिक खानदान से हैं. उस लेगेसी का उनक पर अपना एक बोझ है. एक उम्मीद है. लेकिन मैं एक साधारण परिवार से हूं. जब मेरा जन्म हुआ तो मेरे माता-पिता के पास 150 रुपये से ज्यादा नहीं थे. मैंने पहली नौकरी 1998 में बांद्रा के एक मैकडॉनल्ड्स रेस्तरां में की. मैं वहां 1500 रुपये में पोछा लगाती थी. ऐसी महिला से हारने के लिए उस शख्स को बहुत स्मार्ट होना चाहिए.

जब भी निशाना साधेंगे, जवाब दूंगी

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि किसी भी महिला पर इस तरह का कटाक्ष आपका ध्यान भटकाने और आपका आत्मविश्वास खत्म करने के लिए किया जाता है. यह इसलिए किया जाता है कि आप उठकर खड़ी नहीं हो पाओ. लेकिन अंतर सिर्फ इतना है कि हर बार जब मुझ पर निशाना साधा जाता है तो मैं यह सुनिश्चित करती हूं कि ये भाई-बहन एक और सीट हार जाएं.

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स्मृति ईरानी ने कहा कि 2019 में मुझ पर सेक्सिस्ट टिप्पणी की गई थी और जिस शख्स ने मुझ पर वह भद्दी टिप्पणी की थी, उसे एक तरह से प्रमोशन मिला था. लेकिन उसके बाद अमेठी में विधानसभा चुनाव हुए और कांग्रेस की पांच विधानसभा सीट में से चार पर जमानत जब्त हो गई थी. क्योंकि ये भाई-बहन (राहुल और प्रियंका गांधी) क्षेत्र में जहां-जहां भी गए, मैंने यह सुनिश्चित किया कि पार्टी की जमानत जब्त हो जाए. दुर्भाग्य से ये पांचवी सीट तक पहुंच ही नहीं पाए. उम्मीद करती हूं कि अगली बार ये उस पांचवी सीट पर भी जाए.

जो काम 40 साल में नहीं हुआ, 4 साल में किया

ईरानी ने कहा कि मुझे खुद को डिफाइन करने के किसी के वैलिडेशन की जरूरत नहीं है. मैं हर पांच साल में अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के बीच जाकर वोट मांगूंगी. मैंन जो काम किया है, मैं उसके लिए अपने वोटर्स से वोट मांगूंगी.

उन्होंने कहा कि या मैं इसलिए वोट नहीं मांगती कि मैं महिला उम्मीदवार हूं, या कभी मैं 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' की तुलसी थी बल्कि मैं उस काम के लिए अपने क्षेत्र में जाकर वोट मांगूंगी, जो मैंने किया है. वह कहती हैं कि चालीस साल पहले मेरे निर्वाचन क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज का वादा किया गया था. इन चालीस सालों तक एक परिवार इस निर्वाचन क्षेत्र में सत्ता पर था लेकिन मेडिकल कॉलेज कभी नहीं बना. मैं चार सालों से अमेठी से सांसद हूं, जो चालीस सालों में नहीं हुआ, वो अब हो रहा है. अब वहां मेडिकल कॉलेज बन रहा है.  

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उन्होंने कहा कि अमेठी में तीस साल पहले बायपास का वादा किया गया था, लेकिन नहीं बना. मेरे कार्यकाल में तीन साल में वह बनकर तैयार हो गया. मैं देश में ऐसी पहली सांसद हूं, जिसका घर उसके निर्वाचन क्षेत्र में है. मैं पहली सांसद हूं, जो अपने क्षेत्र के हर न्याय पंचायत में गई है. मैं अपने क्षेत्र के हर 2000 गांव में गई हूं. मैंने यह सुनिश्चित किया कि मेरे क्षेत्र में जो डायलिसिस सेंटर सालों से नहीं बन पाया था, अब बनकर तैयार है. अमेठी में डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ऑफिस नहीं था, लेकिन हमने चार सालों में उसे तैयार किया. अमेठी में पुलिस लाइन नहीं थी लेकिन हमने बनाई. इसी काम  को लेकर मैं अपने वोटर्स के पास वोट मांगने जाऊंगी. 

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