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राजस्थान कांग्रेस का झगड़ा सुलझाने में सोनिया की एंट्री, गहलोत-पायलट के आमने-सामने होगी बात

कुछ महीने पहले ही राज्य के डिप्टी सीएम रहे सचिन पायलट अपने समर्थक विधायकों के साथ राजस्थान से बाहर चले गए थे, जिसके बाद राज्य में सियासी संकट खड़ा हो गया था और अशोक गहलोत की सरकार के गिरने की नौबत आ गई थी

सोनिया गांधी और अशोक गहलोत (फाइल फोटो) सोनिया गांधी और अशोक गहलोत (फाइल फोटो)
शरत कुमार
  • जयपुर ,
  • 19 दिसंबर 2020,
  • अपडेटेड 10:06 AM IST
  • राजस्थान कांग्रेस का विवाद सुलझाने सोनिया आईं
  • लंबे समय से गुटबाजी की शिकार राजस्थान कांग्रेस
  • मंत्रिमंडल विस्तार, पीसीसी नियुक्तियों पर चर्चा

राजस्थान कांग्रेस में गुटबाजी को खत्म करने के लिए अब पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एंट्री ली है. सोनिया गांधी आज सीएम अशोक गहलोत, सचिन पायलट से आमने-सामने पार्टी के विवाद पर बात करेंगी. इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी अजय माकन भी शामिल रहेंगे. 

सोनिया गांधी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को विश्वास में लेकर विवाद को खत्म करने की कोशिश करेंगी. इस मीटिंग में प्रदेश कांग्रेस कमेटी का गठन, राजनीतिक नियुक्तियां और मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी चर्चा होगी. 

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बता दें कि कुछ महीने पहले ही राज्य के डिप्टी सीएम रहे सचिन पायलट अपने समर्थक विधायकों के साथ राजस्थान से बाहर चले गए थे, जिसके बाद राज्य में सियासी संकट खड़ा हो गया था और अशोक गहलोत की सरकार के गिरने की नौबत आ गई थी.

इस दौरान कांग्रेस ने सचिन पायलट पर अनुशासन का डंडा चलाया था और उन्हें डिप्टी सीएम और प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटा दिया था. तब सचिन पायलट के बीजेपी में शामिल होने की चर्चा भी हुई थी. हालांकि सचिन पायलट कई दिनों तक चले सियासी ड्रामे के बाद आखिरकार मान गए और गहलोत सरकार संकट से बाहर आई. 

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हालांकि गहलोत और पायलट के बीच तात्कालिक तौर पर कलह तो थम गई, लेकिन दोनों नेताओं के बीच दिलों के फासले कायम रहे. इस बीच अभी हाल में गहलोत ने एक बार फिर कहा कि उनकी सरकार को गिराने की कोशिश हो रही है. इसी के साथ राजस्थान की गुटबाजी एक बार फिर से सामने आ गई. आज की बैठक में इन तमाम मुद्दों पर चर्चा होगी. 

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बता दें कि सोनिया गांधी आज ही कांग्रेस में जारी अंतर्कलह को लेकर बैठक कर रही हैं. किसान आंदोलन के बीच बुलाई गई इस बैठक में मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य के लिए रणनीति बनाई जाएगी, जिसमें कांग्रेस के उन नेताओं को भी बुलाया गया है जिन्होंने चार महीने पहले सोनिया गांधी को चिट्टी लिखकर पार्टी नेतृत्व पर सवाल खड़े किए थे. ये नेता हैं गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा और शशि थरूर.

 

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