
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार को विपक्षी दलों के नेताओं के साथ एक बैठक की. इसमें राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रमुख शरद पवार समेत नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला, शिवसेना नेता संजय राउत और डीएमके नेता टीआर बालू भी शामिल हुए. विपक्षी धड़े के दिग्गज नेताओं की यह बैठक सोनिया गांधी के आवास 10 जनपथ पर ऐसे समय पर हुई है, जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी खुद को मुख्य विपक्षी चेहरे के तौर पर स्थापित करने में जुटी हैं.
दरअसल, अपनी हालिया मुंबई यात्रा के दौरान ममता बनर्जी ने यह कहकर कांग्रेस की चिंता बढ़ा दी थी कि अब यूपीए (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) जैसा कुछ भी नहीं है. एनसीपी चीफ शरद पवार और शिवसेना नेताओं से मुलाकात कर टीएमसी प्रमुख ने बगैर कांग्रेस के विपक्षी गुट बनाने का शिगूफा छेड़ा था. साथ ही बीते दिनों दिल्ली प्रवास के दौरान भी तृणमूल कांग्रेस नेत्री और कांग्रेस सुप्रीमो सोनिया गांधी की कोई मुलाकात तक नहीं हुई थी. टीएमसी और कांग्रेस के रिश्तों में आई खटास के बीच इस बैठक को अहम माना जा रहा है.
विपक्ष की रणनीति पर चर्चा
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी इस बैठक में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई. बताया गया कि इस मुलाकात में संसद के मौजूदा शीतकालीन सत्र में विपक्ष की साझा रणनीति को लेकर चर्चा की गई.
क्या बोले फारूक अब्दुल्ला
फारूक अब्दुल्ला ने वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात के बाद बताया, यह देश के मुद्दों से जुड़ी बैठक थी. हमने इस बारे में बात की कि हम कैसे मिलकर काम कर सकते हैं और आगे बढ़ सकते हैं और देश को इस मुश्किल हालात से कैसे निकाल सकते हैं. इन्हीं सब मुद्दों पर हमारे बीच अच्छा समझौता भी हुआ है.
संजय राउत का बयान
शिवसेना सांसद संजय राउत ने इस बैठक पर कहा कि हमारा मुख्य एजेंडा राज्यवार तरीके से विपक्षी एकता को लेकर था यानी राज्यों में मिलकर काम करेंगे. यह पहली मुलाकात थी, अब बुधवार को फिर एक साथ बैठेंगे, इसमें शरद पवार भी हमारे बीच रहेंगे.
सांसदों के निलंबन पर चर्चा
वहीं, प्रह्लाद जोशी के बयान पर संजय राउत ने कहा कि कोई माफी नहीं, कोई पछतावा नहीं, हम लड़ेंगे. दरअसल, 12 सांसदों के निलंबन पर संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा था कि कांग्रेस और अन्य दलों के नेता पश्चाताप और खेद व्यक्त करें और उसके बाद सदन में आएं. सरकार हर मामले पर चर्चा के लिए तैयार है.
क्या हुआ आज
इससे पहले, कांग्रेस नेता और लोकसभा सांसद राहुल गांधी और दूसरे विपक्षी दलों के नेताओं ने राज्यसभा के सदस्यों का निलंबन रद्द करने की मांग करते हुए एक मार्च निकाला था. पता हो कि संसद के मॉनसून सत्र के दौरान उच्च सदन में 'अशोभनीय आचरण' को लेकर शीतकालीन सत्र की शेष अवधि के लिए 12 सदस्यों को निलंबित कर दिया गया है.