
यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का लंबी बीमारी के बाद 21 अगस्त की देर रात निधन हो गया. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के फायर ब्रांड नेता रहे कल्याण सिंह का अंतिम संस्कार कल होना है. कल्याण सिंह की गिनती बीजेपी के प्रखर हिंदुत्ववादी नेता के रूप में होती है. कल्याण सिंह राम मंदिर आंदोलन के दौरान पार्टी के यूपी में सबसे मुखर चेहरा थे.
राम मंदिर आंदोलन की लहर में साल 1991 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी जब सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी तब पार्टी ने मुख्यमंत्री पद के लिए भी कल्याण सिंह का नाम आगे कर दिया. कल्याण सिंह यूपी के सीएम बने. कल्याण सिंह की सरकार के सत्ता में रहते ही साल 1992 में कारसेवकों ने बाबरी विध्वंस किया था. कार सेवक जब विवादित ढांचा गिरा रहे थे, कल्याण ने डीजीपी को भी गोली चलाने का आदेश देने से साफ मना कर दिया था.
कल्याण सिंह ने केवल डीजीपी को ही नहीं, केंद्र की सत्ता पर उस समय काबिज रही पीवी नरसिम्हा राव की सरकार को भी साफ कह दिया था कि कारसेवकों पर गोली नहीं चलाऊंगा, नहीं चलाऊंगा, नहीं चलाऊंगा. कल्याण सिंह ने बाबरी विध्वंस के बाद अपने एक भाषण में इसका जिक्र भी किया था. कल्याण सिंह ने कहा था कि मैंने मीटिंग में साफ कह दिया था कि मैं कारसेवकों पर गोली नहीं चलाऊंगा.
कल्याण सिंह ने अपने उसी भाषण में 6 दिसंबर 1992 के घटनाक्रम को याद करते हुए कहा था कि दोपहर में केंद्र सरकार के गृह मंत्री एसबी चव्हाण ने मुझे फोन कर कहा कि मैं टीवी देख रहा हूं. कारसेवक बाबरी ढांचे पर चढ़ गए हैं. इस पर मैंने कहा कि मेरे पास इससे एक कदम आगे की सूचना है. कल्याण सिंह ने कहा था कि मैंने केंद्रीय गृह मंत्री से उस समय भी साफ कहा था कि फिर भी कारसेवकों पर गोली नहीं चलाऊंगा, नहीं चलाऊंगा, नहीं चलाऊंगा.