
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज से केंद्र सरकार के खिलाफ दो दिन के धरना-प्रदर्शन की शुरुआत की. वह केंद्र से राज्य को बकाया राशि न मिलने के कारण धरने पर बैठी हैं.
इस दौरान ममता बनर्जी ने पीएम मोदी के उस तंज का जवाब दिया, जिसमें प्रधानमंत्री ने बंगाल चुनाव के दौरान चुनावी सभा में उन्हें 'दीदी ओ दीदी' कहकर संबोधित किया था. इस संबोधन के जवाब में ममता ने पीएम मोदी को 'नंदलाल ओ नंदलाल' कहा. हालांकि, उन्होंने संबोधन के दौरान पीएम मोदी का नाम नहीं लिया. लेकिन इसे 'दीदी ओ दीदी' का जवाब ही माना जा रहा है.
इससे पहले उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देने की चेतावनी दी. प्रदर्शन के दौरान उन्होंने सवाल किया कि उनके धरना देने पर लोगों को आपत्ति क्यों होना चाहिए?
ममता ने कहा, '7 बार सांसद रही हूं. केंद्र में भी कई बार मंत्री रही. अब वे (बीजेपी) मुझे संविधान पढ़ाएंगे. मैं पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के खिलाफ धरने पर भी बैठी थी. मेरे पास दोहरा पोर्टफोलियो है. मैं एक मुख्यमंत्री हूं. बंगाल की जनता के लिए फंड बंद कर दिया गया है और यहां मेरी पार्टी सत्ता में है. अगर जरूरत पड़ेगी तो मैं पीएम आवास के पास भी धरना दे सकती हूं.'
ये भी पढ़ें: 'मैं भी चोर हो सकता हूं, लेकिन...' बंगाल के मंत्री ने ममता बनर्जी को बताया भगवान
बीजेपी को कहा गुंडों की पार्टी
उन्होंने अपने भाषण में कहा कि बीजेपी में गुंडे हैं. एक नेता कह रहे थे कि वह रामनवमी की रैली में हथियार लेकर चलेंगे. मैं रामनवमी की रैली नहीं रोकूंगी. लेकिन अगर किसी मुस्लिम के घर पर हमला होता है तो एक्शन लिया जाएगा.
टीएमसी कमजोर नहीं है: ममता
उन्होंने आगे कहा कि हम (टीएमसी) कमजोर नहीं हैं. वह कह कह रहे हैं कि ईडी की टीम भेजेंगे. इतनी शक्ति? किसी एजेंसी के जरिए इन्हें नौकरी कैसे मिली, इसके दस्तावेज हम निकालेंगे. फैसले पर बोलने का अधिकार सबको है. उन्होंने सुवेंदु अधिकारी का नाम लिए बिना कहा कि उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश ने आदेश दिया है कि गद्दार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती. मैंने उन्हें राजनीति सिखाई है. वह कई नेताओं से हारे और उनके पिता भी हारे. फिर मैंने उनका हाथ थाम लिया और जिता दिया.
ये भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल में 1 अप्रैल से शुरू होगा 'दुआरे सरकार' कैंपेन, क्या है इसका मकसद?
केंद्र सरकार पर साधा निशाना
इससे पहले ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी ममता के धरने का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि यह एक अनोखी बात देखी गई है कि एक मुख्यमंत्री धरने पर बैठी हैं और सड़क में कोई व्यवधान नहीं है. यातायात सामान्य है.
टीएमसी लोहे के समान: अभिषेक
उन्होंने कहा कि 2021 में चुनाव हारने के बाद बीजेपी हमसे जलन का व्यवहार कर रही है. अगर उन्हें लगता है कि वे हमारे खिलाफ ईडी-सीबीआई का इस्तेमाल कर हमें हरा सकते हैं तो यह एक उन्हें बताना चाहता हूं कि हमारी पार्टी लोहे की तरह है, जिस पर जितना भी हमला किया जाएगा, वह उतना ही मजबूत होगा.
जरूरत पड़ी तो दिल्ली तक जाएंगे
अभिषेक ने आगे कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो हम इस आंदोलन को दिल्ली तक फैलाने के लिए तैयार रहेंगे. ममता बनर्जी बस आदेश दें तो हम दिल्ली तक मार्च करेंगे.
बीजेपी ने टाइमिंग पर उठाए सवाल
हालांकि, भारतीय जनता पार्टी ने ममता बनर्जी के धरने के समय पर सवाल उठाए हैं. बीजेपी नेता राहुल सिन्हा ने कहा है कि ममता धरने पर बैठी हैं. हम नहीं बैठेंगे क्योंकि रामनवमी है. उन्होंने आगे कहा कि हम हिन्दू हैं. पता नहीं वो हिन्दू है या क्या हैं? वो हिजाब पहनती हैं.