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बंगाल आज मना रहा है खेला होबे दिवस, जानिए क्या है ममता का प्लान?

पश्चिम बंगाल में आज 'खेला होबे दिवस' मनाया जा रहा है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पिछले महीने घोषणा की थी कि हर साल 16 अगस्त को बंगाल में खेला होबे दिवस मनाया जाएगा. सोमवार को ममता 1 लाख से ज्यादा फुटबॉल बांटेंगी.

ममता बनर्जी (फाइल फोटो-PTI) ममता बनर्जी (फाइल फोटो-PTI)
aajtak.in
  • कोलकाता,
  • 16 अगस्त 2021,
  • अपडेटेड 10:17 AM IST
  • आज मनाया जा रहा खेला होबे दिवस
  • पिछले महीने की थी ममता ने घोषणा
  • क्या 2024 की तैयारी कर रहीं हैं ममता?

बंगाल में आज खेला होबे दिवस (Khela Hobe Diva) मनाया जा रहा है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने पिछले महीने हर साल 16 अगस्त के दिन को 'खेला होबे दिवस' के तौर पर मनाने की घोषणा की थी. आज के दिन ममता एक लाख से ज्यादा फुटबॉल बांटेंगी. 

पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव (Assembly Election) के दौरान ममता बनर्जी ने 'खेला होबे' का नारा दिया था. उसके बाद से ही ये नारा देशभर में चर्चित हो गया है. कुछ दिन पहले ममता बनर्जी ने कहा था, खेला होबे समूचे देश में लोकप्रिय हो चुका है. आज सारा देश खेला होबे बोल रहा है. दिल्ली में भी खेला होबे बोला जा रहा है. ऐसे में हमें इस नाम को और आगे ले जाना होगा और इसे अमर बनाना होगा. 

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लेकिन खेला होबे दिवस क्यों मनाया जा रहा है? आखिर ममता का प्लान क्या है? आइए समझते हैं...

क्यों मनाया जा रहा है खेला होबे दिवस?

दरअसल, 40 साल पहले 16 अगस्त 1970 को बंगाल में एक फुटबॉल मैच के दौरान कई लोग मारे गए थे. उन्हीं की याद में ममता बनर्जी ने हर साल 16 अगस्त को खेला होबे दिवस मनाने का ऐलान किया है. सोमवार को बंगाल के कई क्लब में 1 लाख फुटबॉल बांटी जाएंगी.

ये भी पढ़ें-- विपक्षी एकता की धुरी बनने में ममता की राह में क्या-क्या हैं अड़चनें?

ममता बनर्जी का क्या है प्लान?

बीजेपी (BJP) के आक्रामक कैंपेन के बावजूद ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी (TMC) ने पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल की. ममता बनर्जी तीसरी बार मुख्यमंत्री बन गईं. इसके बाद से ही उनका आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है. अब ममता बंगाल के बाहर भी राजनीति करना चाहती हैं. 

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टीएमसी से जुड़े कुछ सूत्रों का कहना है कि ममता की नजर अब उन राज्यों में है जहां वो अपनी पार्टी को मजबूत कर सकती हैं. सूत्र बताते हैं कि वो नहीं चाहते कि चुनावों में 100 उम्मीदवार उतरे और उनमें से दो ही जीतकर आए. ममता का अब एक ही मकसद है या तो जीतना या फिर मुख्य विपक्षी पार्टी बनना.

क्या 2024 की तैयारी कर रहीं हैं ममता?

ममता बनर्जी ने पिछले महीने ही दिल्ली का दौरा किया था. इस दौरान उन्होंने सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) से लेकर तमाम विपक्षी नेताओं से मुलाकात की थी. माना जा रहा है कि 2024 के लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2024) से पहले ममता बीजेपी के खिलाफ एक संयुक्त मोर्चा बनाने की तैयारी कर रहीं हैं, ताकि बीजेपी को रोका जा सके. 

ममता की नजरें अब दिल्ली के सिंहासन पर हैं और अब वो पूरे देश में 'खेला' करने की जुगत में हैं. ममता बनर्जी भले ही खुले तौर पर अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को मानने से कतरा रहीं हों, लेकिन तीन महीने पहले विधानसभा चुनावों में मिली जीत ने उन्हें बीजेपी को राष्ट्रीय राजनीति में हराने की संभावनाएं तलाशने के लिए प्रेरित किया है. 

पिछले महीने जब ममता दिल्ली गई थीं, तभी से ऐसी चर्चा है कि वो एक संयुक्त मोर्चा बनाने की कोशिश कर रहीं हैं. जब उनसे पूछा गया था कि क्या एकजुट विपक्ष तख्तापलट कर सकता है, तो उन्होंने कहा था, "अगर आप सीरियस हैं तो 6 महीने में नतीजे दिखा सकते हैं." उन्होंने कहा था एक ऐसा मंच होना चाहिए जहां सब साथ मिलकर काम कर सकें.

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पिछले महीने 21 जुलाई को 'शहीद दिवस' के दिन ममता बनर्जी ने गुजरात समेत कई राज्यों में कार्यक्रम रखा था. इस दौरान जगह-जगह पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ममता ने रैली की थी. इसे भी इस बात से जोड़कर देखा जा रहा है कि ममता अब पूरे देश में 'खेला' करने की तैयारी में जुट गई हैं.

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