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कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच पश्चिम बंगाल में निकाय चुनाव की तैयारी, 22 जनवरी को वोटिंग

पश्चिम बंगाल राज्य चुनाव आयोग ने फैसला लिया है कि सिलीगुड़ी, चंदननगर, बिधाननगर आसनसोल नगर निगम में 22 जनवरी 2022 को तय कार्यक्रम के अनुसार मतदान होगा.

पश्चिम बंगाल में निकाय चुनाव अपने निर्धारित समय पर ही होंगे पश्चिम बंगाल में निकाय चुनाव अपने निर्धारित समय पर ही होंगे
सूर्याग्नि रॉय
  • कोलकाता,
  • 04 जनवरी 2022,
  • अपडेटेड 8:54 PM IST
  • 22 जनवरी को होंगे बंगाल में निकाय चुनाव
  • चुनाव आयोग ने जारी किए दिशानिर्देश

पश्चिम बंगाल में दिसंबर के आखिरी हफ्ते में कोरोना के मामले काफी तेजी से बढ़े. सरकार ने दिसंबर के आखिरी हफ्ते के लिए रात के कर्फ्यू में ढील दी थी. लेकिन जैसे-जैसे मामले बढ़े, यह सवाल भी उठा कि क्या राज्य चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल में निकाय चुनाव कराएगा. तो इसका जवाब है हां.

निर्धारित समय पर ही होंगे निकाय चुनाव

पश्चिम बंगाल राज्य चुनाव आयोग ने फैसला लिया है कि सिलीगुड़ी, चंदननगर, बिधाननगर आसनसोल नगर निगम में 22 जनवरी 2022 को तय कार्यक्रम के अनुसार मतदान होगा. हालांकि आयोग ने बंगाल में निकाय चुनावों के लिए 'नो रोड शो' यानी सड़कों पर चुनाव प्रचार न किए जाने को कहा है.

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'प. बंगाल में नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है'

बीजेपी के वरिष्ठ नेता शिशिर बजोरिया ने कोविड प्रोटोकॉल को लेकर ममता बनर्जी की सरकार की आलोचना की है. उन्होंने कहा, 'बढ़ते मामलों के बीच, राज्य चुनाव आयोग जनवरी में 4 नगर निगमों के चुनाव करा रहा है. यहां नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है, लेकिन राज्य चुनाव आयोग टीएमसी के किसी भी नेता को कोई नोटिस नहीं दे रहा है, जो यहां बड़े-बड़े चुनाव कैंपेन चला रहे हैं.'

'लोगों को परिस्थितियां पता होनी चाहिए'

इस  पर टीएमसी सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने कहा है कि लोगों को परिस्थितियां पता होनी चाहिए और उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार लोगों से इन दिशानिर्देशों का पालन करने के लिए कह ही सकती है. यह कोरोना की तीसरी लहर है और हमें बेहद सावधान रहने की जरूरत है.

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चुनाव आयोग के दिशानिर्देश

पश्चिम बंगाल में, राज्य चुनाव आयोग ने अन्य दिशानिर्देश जारी किए हैं, जैसे नो रोड शो, पदयात्रा की अनुमति. किसी साइकिल या बाइक रैली की अनुमति नहीं दी गई है. 8 से 9 बजे के बीच किसी भी कैंपेन की अनुमति नहीं है. घर-घर प्रचार के लिए केवल पांच व्यक्तियों को अनुमति दी गई है. आयोग ने यह भी कहा है कि खुले में होने वाली रैली के लिए 500 लोगों को अनुमति दी जाएगी. जबकि इनडोर मीटिंग के लिए 200 लोगों को इजाजत है.

 

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