एक वक्त हुआ करता था जब राष्ट्रपति चुनाव की वैसी सुगबुगाहट नहीं हुआ करती थी. लेकिन पिछले कुछ सालों में राजनीति का पहिया ऐसा घूमा कि हर छोटे-बड़े चुनाव सियासी बिसात की चाल बनकर रह गए. राष्ट्रपति का चुनाव भी अब इससे अछूता नहीं है. इस बार बीजेपी ने राष्ट्रपति पद के लिए द्रौपदी मुर्मू को चुना. इस एक तीर से कई सारे निशाने एक साथ साध लिए गए. ये एक ऐसी सोच थी जिसको विपक्ष की हवा तक नहीं लगी. देखें क्या है द्रौपदी मु्र्मू को राष्ट्रपति बनाने के पीछे प्लान.
There used to be a time when presidential elections did not have the same fragrance. But in the last few years, the wheel of politics has turned in such a way that every small and big election has become a trick of the political board.