
एक्टिविस्ट नवदीप कौर को पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट से जमानत मिल गई है. दलित एक्टिविस्ट नवदीप कौर की जमानत याचिका में आरोप लगाया गया है कि सोनीपत पुलिस स्टेशन में उसे बुरी तरह से पीटा गया है. याचिका में कहा गया है कि पुलिस ने कौर को बाल पकड़कर घसीटा है. इसके अलावा उसकी पिटाई की गई है, यातनाएं दी गई हैं और शरीर पर काफी चोटें भी आईं हैं.
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में दाखिल अपनी जमानत याचिका में दावा किया है कि 'उन्हें गिरफ्तारी के समय पुलिस स्टेशन में बहुत बुरी तरह मारा-पीटा गया था. इतना ही नहीं 12 जनवरी को जब पुलिस स्टेशन ले जाया गया तो उनके साथ कोई भी महिला पुलिस अधिकारी नहीं थीं.'
इसी मामले में सह आरोपी शिवकुमार के मेडिकल रिपोर्ट में भी पुलिसिया टॉर्चर की बात सच पाई गई है. शिवकुमार की उम्र 24 साल है और उन्हें 16 जनवरी को गिरफ्तारर किया गया था.
मजदूर अधिकार संगठन के अध्यक्ष शिवकुमार का चंडीगढ़ स्थित जीएमसीएच में मेडिकल कराया गया, जिसमें उनके हाथ एवं पैर में दो फ्रैक्चर होने की पुष्टि हुई और पैरों की उंगलियों में कील चुभने के निशान मिले हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, शिवकुमार के बाएं हाथ और दाहिनी पैर की हड्डी में फ्रैक्चर है. इसके अलावा चार जख्म साधारण श्रेणी के हैं, जबकि दो गंभीर हैं. दाहिने पांव की दूसरी और तीसरी उंगली में नाखून के पास चोट है और त्वचा लाल हो गई है, बाएं पांव का अंगूठा भी जख्मी है, बाएं हाथ का अंगूठा और तर्जनी भी नीली पड़ चुकी है.
शिवकुमार और नवदीप पर सोनीपत जिले में एक औद्योगिकी इकाई का घेराव करने और कथित तौर पर जबरन उगाही करने का आरोप है. पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश पर सोनीपत जेल ने शिवकुमार का मेडिकल कराया है.
हाई कोर्ट ने यह आदेश शिवकुमार के पिता की याचिका पर दिया था, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि सोनीपत पुलिस ने उनके बेटे की बेरहमी से पिटाई की है और यातना दी है.
हाई कोर्ट में बुधवार को जीएमसीएच की ओर से जमा चिकित्सा रिपोर्ट में कहा गया कि शिवकुमार की सभी चोटें करीब दो हफ्ते से अधिक पुरानी हैं और किसी वस्तु और कुंद हथियार से आई हैं.