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Punjab: ड्रग्स तस्करी में अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया पर FIR, कभी भी हो सकती है गिरफ्तारी

FIR registered against SAD MLA Bikram Majithia in a drug case: एनडीपीएस एक्ट की अलग-अलग धाराओं में बिक्रम सिंह मजीठिया पर केस दर्ज हुआ है. चंद रोज पहले ही शिअद ने पंजाब की चन्नी सरकार पर सवाल उठाए थे और कहा था कि मजीठिया की गिरफ्तारी के लिए सरकार पुलिस अधिकारियों पर दबाव बना रही है. 

डिप्टी CM रंधावा का कहना है कि मजीठिया को गिरफ्तार करेंगे.  (फाइल फोटो) डिप्टी CM रंधावा का कहना है कि मजीठिया को गिरफ्तार करेंगे. (फाइल फोटो)
मनजीत सहगल
  • चंडीगढ़ ,
  • 21 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 6:31 PM IST
  • हरसिमरत कौर के भाई हैं बिक्रम मजीठिया
  • SAD के बड़े नेता हैं बिक्रम मजीठिया
  • ड्रग्स तस्करी मामले में सुनवाई

FIR registered against SAD MLA Bikram Majithia in a drug case: पंजाब के पूर्व मंत्री और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के विधायक बिक्रम सिंह मजीठिया पर ड्रग्स केस में शिकंजा कसता जा रहा है. मोहाली में ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन ने शिरोमणि अकाली दल के नेता पर एफआईआर दर्ज की है. एनडीपीएस एक्ट की अलग-अलग धाराओं में मजीठिया पर केस दर्ज हुआ है. राज्य के डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा है कि आरोपी मजीठिया की कानून के मुताबिक गिरफ्तारी की जाएगी. पिछले दिनों ही शिअद ने पंजाब की चन्नी सरकार पर सवाल उठाए थे और कहा था कि मजीठिया की गिरफ्तारी के लिए सरकार पुलिस अधिकारियों पर दबाव बना रही है. 

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शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने मंगलवार को बिक्रम मजीठिया के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को राजनीति से प्रेरित करार दिया, वहीं पंजाब सरकार के अधिवक्ताओं का कहना है कि सिंथेटिक ड्रग्स मामले में मजीठिया को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस के पास पर्याप्त सबूत हैं.

सरकारी वाहनों और सुरक्षा का किया दुरुपयोग 

नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक पदार्थ अधिनियम, 1985 की धारा 25, 27 ए और 29 के तहत दर्ज केस के अनुसार, बिक्रम मजीठिया ने सिंथेटिक दवाओं की तस्करी को सुविधाजनक बनाने के लिए सरकारी वाहनों, सुरक्षा और आधिकारिक मशीनरी का दुरुपयोग किया. सूत्रों का कहना है कि मजीठिया के खिलाफ एफआईआर तत्कालीन एडीजीपी और एसटीएफ प्रमुख हरप्रीत सिद्धू द्वारा 2018 में हाई कोर्ट में सौंपी गई 34 पेज की एसटीएफ रिपोर्ट के आधार पर दर्ज की गई है.

क्या हैं आरोप

मजीठिया के खिलाफ लगाए गए आरोप, तीन गिरफ्तार आरोपियों जगदीश भोला, जगजीत सिंह चहल और मनिंदर सिंह उर्फ ​​बिट्टू औलख के बयानों पर आधारित हैं. आरोप हैं कि मजीठिया ने कनाडा के दो नागरिकों परमिंदर सिंह उर्फ ​​पिंडी और सतप्रीत सिंह उर्फ ​​सत्ता को आईसीई सिंथेटिक ड्रग्स के एक महत्वपूर्ण घटक स्यूडोफेड्रिन की आपूर्ति की सुविधा प्रदान की.

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2013 में सामने आया था सिंथेटिक ड्रग का मामला

पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने अधिवक्ता नवकिरण सिंह की एक जनहित याचिका पर कार्रवाई करते हुए एसटीएफ प्रमुख को 2018 में इस मामले में एक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा था. सिंथेटिक ड्रग का मामला नवंबर 2013 में प्रकाश में आया था जब पंजाब पुलिस के डीएसपी जगदीश भोला को मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.

एक आरोपी हुआ बरी

इस मामले के सरगना जगदीश भोला को फरवरी 2019 में 24 साल जेल की सजा सुनाई गई थी.अन्य आरोपी जगजीत सिंह चहल को भी एनडीपीएस एक्ट के तहत सजा सुनाई गई है. हालांकि, इस मामले में अकाली दल के पूर्व नेता मनिंदर सिंह बिट्टू औलख को बरी कर दिया गया था.

मजीठिया के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं

एफआईआर में कहा गया है कि सिंथेटिक ड्रग्स के मामले में आगे की जांच की जरूरत है. एसटीएफ प्रमुख ने 2018 में रिपोर्ट जमा करते हुए यह भी कहा था कि निष्कर्षों के अनुसार, आवेदन में लगाए गए आरोपों के संबंध में बिक्रम मजीठिया की भूमिका की जांच के लिए पर्याप्त सबूत हैं.  

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