
अमेरिका से प्रत्यर्पित होकर लौटे अमृतसर लौटे मनदीप सिंह की कहानी दिल दहला देने वाली है. बेहतर भविष्य की तलाश में निकले मनदीप को अमेरिकी अधिकारियों के अमानवीय व्यवहार और दर्दनाक सफर का सामना करना पड़ा.
मनदीप सिंह ने बताया कि अमेरिका पहुंचने के लिए उन्होंने चार दिनों तक घने जंगलों में पैदल सफर किया, 30 फुट ऊंचे झरनों को नाव से पार किया और कार में कई दिनों तक सफर किया. इस खतरनाक सफर के दौरान 70 दिनों तक सिर्फ मैगी खाकर जिंदा रहने वाली गीता जैसी घटनाएं भी सामने आईं.
अमेरिका में अपमान और यातना
मनदीप सिंह ने बताया कि अमेरिकी अधिकारियों ने उनके साथ बुरा व्यवहार किया. उनकी पगड़ी उतारकर कूड़ेदान में फेंकी. हाथ-पैर बांध दिए गए और सिर खुला छोड़ दिया गया. विमान से अमृतसर लाने से पहले बेड़ियां और हथकड़ियां हटा दी गईं. 30 घंटे की लंबी उड़ान में उन्हें खाने के लिए सिर्फ एक सेब और एक पैकेट चिप्स दिया गया.
मनदीप सिंह भारतीय सेना में 17 साल तक सेवा कर चुके हैं. उन्होंने अमेरिका जाने के लिए एजेंटों को अपनी पूरी जीवनभर की कमाई यानी 40 लाख रुपये दे दिए. इसके अलावा 14 लाख रुपये का चेक भी एजेंटों को उधार दिया, लेकिन उनका सपना अधूरा रह गया.
एजेंटों को दी जीवनभर की कमाई
हर साल हजारों भारतीय अवैध रूप से अमेरिका और अन्य देशों में बसने की कोशिश करते हैं, लेकिन उनमें से कई को कठिनाइयों और अपमानजनक स्थितियों का सामना करना पड़ता है. मनदीप सिंह की कहानी इस खतरनाक सफर की एक झलक मात्र है.