
आपने शायद ही कभी ऐसी दुकान देखी होगी जहां जूते, कपड़े, किताबें, क्रॉकरी यहां तक की फर्नीचर जैसे सभी सामान सिर्फ एक रुपए में मिलता हो. जी हां आपने बिल्कुल, सही पढ़ा है. चंडीगढ़ में ऐसी दुकान खुल चुकी है, जहां ये सभी चीजें सिर्फ एक रुपए में उपलब्ध है.
चंडीगढ़ नगर निगम की तरफ से ये स्पेशल स्टोर खोले गए हैं. पहला स्टोर विकास नगर के कम्युनिटी सेंटर और दूसरा मलोया के कम्युनिटी सेंटर में खोला गया है. इन दोनों स्टोर पर लोगों का डोनेट किया गया सामान सिर्फ एक रुपए में उन लोगों को उपलब्ध करवाया जा रहा है जिन्हें इसकी जरूरत है.
पहले ये सामान शहर के सभी 35 वार्ड में 'रिड्यूस रीयूज रीसाइकिल' स्टोर खोलने के बाद लोगों से एकत्र किया गया और फिर एकत्रित सामान में से बेहतर गुणवत्ता के सामान को अब एक रुपए में बेचा जा रहा है.
आप हैरान होंगे इस सामान को लेने के लिए इन दोनों ही कम्युनिटी सेंटर में सुबह से भीड़ लगी रहती है. यहां पर सभी वर्ग के लोगों के लिए अलग-अलग सेक्शन बनाए गए हैं, कपड़ों में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों के लिए अलग-अलग सेक्शन बने हैं.
पांच जून तक चलाए गए रिड्यूस, रिसाइकल और रियूज (आरआरआर) की सफलता के बाद नगर निगम ने चंडीगढ़ शहर में स्थाई आरआरआर केंद्र खोल दिया है. यहां अब लोग किसी भी समय आकर दोबारा इस्तेमाल करने वाले सामानों को दान कर सकेंगे.
यह आरआरआर केंद्र सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक खुला रहेगा. यहां लोग पुराने कपड़े, किताबें, स्टेशनरी, जूते-चप्पलों, खेल की वस्तुएं, लकड़ी की चीजें, फर्नीचर, चमड़े/नायलॉन बैग, स्कूल बैग, प्लास्टिक के डिब्बे, सजावटी सामान, खिलौने, गेम्स, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, धातु की वस्तुओं को लोग सीधे नगर निगम को दान कर सकते हैं. यहां जो भी सामान इकट्ठा होगा, उसे सेल्फ हेल्प ग्रुप के माध्यम से जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाएगा.
चंडीगढ़ की कमिश्नर आनंदिता मित्रा ने कहा कि घरों से बहुत सारा ऐसा सामान निकलता है, जिसे कोई और व्यक्ति इस्तेमाल कर सकता है लेकिन विकल्प नहीं होने की वजह से उसे हम कूड़े वाली गाड़ी को दे देते हैं.
इसको देखते हुए रिड्यूस, रिसाइकल और रियूज (आरआरआर) केंद्र शुरू किया गया है. उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि लोग वही सामान दान करें, जिसे दूसरा कोई इस्तेमाल कर सके. इन सामानों को ठीक और साफ करके लोगों तक पहुंचाया जाएगा.