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सरकार ने प्रदर्शनकारी किसानों के साथ बैठक का प्रस्ताव रखा, 14 फरवरी को चंडीगढ़ में हो सकती है मीटिंग

सरकार ने 14 फरवरी को चंडीगढ़ में प्रदर्शनकारी किसानों के साथ उनकी मांगों पर चर्चा करने के लिए बैठक का प्रस्ताव दिया है. केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी.

किसान नेता जगजीत सिंह डल्‍लेवाल. (फाइल फोटो) किसान नेता जगजीत सिंह डल्‍लेवाल. (फाइल फोटो)
aajtak.in
  • चंडीगढ़,
  • 18 जनवरी 2025,
  • अपडेटेड 11:57 PM IST

सरकार ने 14 फरवरी को चंडीगढ़ में प्रदर्शनकारी किसानों के साथ उनकी मांगों पर चर्चा करने के लिए बैठक का प्रस्ताव दिया है. केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को न्यूज एजेंसी को यह जानकारी दी. इस घोषणा के बाद किसान नेताओं ने अनशन कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल से मेडिकल हेल्प लेने की अपील की.

डल्लेवाल 54 दिनों से अनशन पर हैं. अगर डल्लेवाल अनशन तोड़ते हैं तो वे भी प्रस्तावित बैठक में भाग ले सकेंगे. संयुक्त सचिव रैंक के अधिकारी प्रिय रंजन के नेतृत्व में केंद्र सरकार के अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने खनौरी में डल्लेवाल से मुलाकात की और संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की.

इससे पहले, पंजाब और हरियाणा के बीच खनौरी और शंभू बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों ने शनिवार को कहा कि उन्हें केंद्र सरकार से एक प्रस्ताव मिला है, जिस पर वे चर्चा करेंगे.

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20 किलो कम हुआ डल्लेवाल का वजन
बता दें कि हाल ही में आई मेडिकल रिपोर्ट में बताया गया है कि जगजीत सिंह डल्लेवाल का 20 किलो वजन कम हो गया है. किसान नेता अभिमन्यु कोहर ने गुरुवार को खनौरी बॉर्डर पर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, डल्लेवाल का वजन एक डिजिटल वजन करने वाली मशीन से तौला गया. जब उन्होंने अनशन शुरू किया तो उनका वजन 86.9 किलोग्राम था जो अब घटकर 66.4 किलोग्राम हो गया है. पटियाला के राजिंदरा मेडिकल कॉलेज के डॉ. हरिंदर सिंह ने कहा कि डल्लेवाल के शरीर में कीटोन का लेवल पॉजिटिव है.

111 किसानों का जारी है आमरण अनशन
इस बीच 111 किसानों के ग्रुप का आमरण अनशन जारी है. किसानों के ग्रुप ने डल्लेवाल के समर्थन में खनौरी के निकट हरियाणा सीमा पर अपना अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया है. एसकेएम (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले किसान पिछले साल 13 फरवरी से पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू और खनौरी बॉर्डर पर डेरा डाले हुए हैं, जब सुरक्षाबलों ने उन्हें दिल्ली तक मार्च करने की अनुमति नहीं दी थी.

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