
पंजाब के स्वर्ण मंदिर में हुए लिंचिंग मामले में पंजाब के डिप्टी सीएम सुखजिन्दर सिंह रंधावा का बड़ा बयान आया है. उन्होंने भी आशंका जाहिर की है कि हो सकता है बेअदबी की कोशिश करने वाला शख्स किसी मकसद आया हो.
डिप्टी सीएम ने कहा कि प्राथमिक जांच से पता लगा है कि उक्त शख्स करीब सुबह 11.30 बजे से ही श्री दरबार साहिब के अंदर था और परिक्रमा में लेटा रहा, जिससे लगता है कि वो किसी मकसद से ही यहां आया हुआ था. बेअदबी घटना के दोषी की अभी तक कोई पहचान नहीं हुई है, जल्द पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा.
दो दिन में पेश की जाएगी रिपोर्ट
उन्होंने कहा कि श्री दरबार साहिब और बाहर बाजारों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि ये पता लगाया जा सके कि दोषी किस रास्ते से आया और इसके साथ और कौन था. शिरोमणि कमेटी और सरकार मिलकर इस घटना की पूरी जांच करेगी. इस घटना की जांच के लिए डीसीपी लॉ एंड आर्डर के नेतृत्व में टीम बना दी है और ये दो दो दिनों के अंदर रिपोर्ट पेश करेगी.
बिना परमिशन के पुलिस अंदर नहीं जा सकती
मीडिया से बातचीत के दौरान एक प्रश्न के जवाब में रंधावा ने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की आज्ञा के बिना पुलिस श्री दरबार साहिब में दाखि़ल नहीं हो सकती. उन्होंने कहा कि पंजाब विधानसभा की तरफ से साल 2018 में ही धारा 295 में संशोधन करके 295 ए धारा जोड़ने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन अभी तक इसको लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई.
डिप्टी सीएम फिर केंद्र को पत्र लिखेंगे
उन्होंने बताया कि धारा 295 ए के अधीन यदि कोई व्यक्ति किसी भी धर्म की बेअदबी करता है तो उसे 10 साल की सख्त सजा का प्रावधान है. इस संबंध में डिप्टी सीएम फिर केंद्र को पत्र लिखेंगे. उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में पंजाब की अमन-शांति को भंग होने नहीं देंगे.
गौरतलब है कि शनिवार को अमृतसर स्वर्ण मंदिर से चौंकाने वाली घटना सामने आई थी. यहां पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब को लेकर बेअदबी की कोशिश करने वाले शख्स के साथ कथित तौर पर लिंचिंग हुई थी. डीसीपी परमिंदर सिंह ने शख्स के मौत की पुष्टि की थी.