Advertisement

पंजाबः नवजोत सिंह सिद्धू का न्योता कैप्टन को कबूल, क्या खत्म होगी दोनों के बीच खटास?

कांग्रेस (Congress) के तमाम नेता और मंत्री उस वक्त सिद्धू (navjot singh sidhu) के साथ होंगे. बड़ी बात ये है कि पूर्व पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ सिद्धू को कुर्सी पर बिठाएंगे, उस वक्त कैप्टन अमरिंदर भी आशीर्वाद देने के लिए मौजूद होंगे.

सीएम कैप्टन अमरिंदर और नवजोत सिंह सिद्धू सीएम कैप्टन अमरिंदर और नवजोत सिंह सिद्धू
सतेंदर चौहान
  • चंडीगढ़,
  • 23 जुलाई 2021,
  • अपडेटेड 7:46 AM IST
  • सिद्धू की ओर से कैप्टन को भेजे न्योते में 58 विधायकों के दस्तखत
  • आपसे संयुक्त अनुरोध करते है कि नई टीम को आशीर्वाद देंः पत्र
  • कैप्टन ने ताजपोशी से पहले विधायकों व सांसदों को चाय पर बुलाया

पंजाब (Punjab) में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के रूप में ताजपोशी से पहले नवजोत सिंह सिद्धू (navjot singh sidhu) के लिए उस समय एक और अच्छी खबर आ गई जब उनके न्योते पर कैप्टन अमरिंदर सिंह उनकी ताजपोशी के कार्यक्रम में आने को राजी हो गए.

न्योता स्वीकार करने के बाद अब जिस वक्त सिद्धू कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालेंगे, उस वक्त मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह मौजूद होंगे. दोनों के बीच रिश्तों में खटास की खाई अब मिठास के नए अध्याय से पट सकती है.

Advertisement

कांग्रेस आलाकमान ने 18 जुलाई को नवजोत सिंह सिद्धू के नाम का ऐलान किया था. ऐलान से पहले कैप्टन और सिद्धू की दिल्ली में पेशी हुई थी. सिद्धू के नाम का ऐलान होने से पहले कैप्टन ने आलाकमान से विरोध भी जताया था, वहीं नाम के ऐलान के बाद सिद्धू को बधाई देने से पहले माफी की शर्त रखी. लेकिन बीते 24 घंटे में कैप्टन अमरिंदर का क्रोध शांत हो गया, तो क्या सिद्धू का शक्ति प्रदर्शन काम आ गया.

न्योते में 58 विधायकों के दस्तखत

सिद्धू ने गोल्डन टेंपल में तीन दर्जन से ज्यादा विधायकों की अपने पक्ष में परेड कराई थी, और कैप्टन को भेजे न्योते में 58 विधायकों के दस्तखत थे.

इसे भी क्लिक करें --- पंजाब में नहीं कम हुआ कांग्रेस का संकट, सिद्धू से माफी मंगवाने पर अड़े CM अमरिंदर सिंह 

Advertisement

सिद्धू ने कैप्टन को भेजे न्योते में लिखा, 'आदरणीय मुख्यमंत्री जी, सर, जैसा आपको अवगत है कि कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमति सोनिया गांधी जी ने नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष और संगत सिंह गिलजियां, सुखविंदर सिंह डैनी, पवन गोयल और कुलजीत सिंह नागरा को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है. हम सभी मंत्री, एमएलए और संगठन से लोग आपसे संयुक्त अनुरोध करते है कि आप नई टीम को आकर आशीर्वाद दें. कार्यभार संभालने के दौरान कांग्रेस भवन में, 23 जुलाई को सुबह 11 बजे. धन्यवाद.'

जवानों के साथ कैप्टन अमरिंदर सिंह

इस न्योते में 58 विधायकों के समर्थन का मतलब बड़ा है. बीते 2 साल से कैप्टन और सिद्धू के बीच शीतयुद्ध की खबरें आ रही थी. लेकिन ये बात पुरानी है, अब रिश्तों की नई कहानी है, क्योंकि कैप्टन के न्योता कबूल करने के बाद तस्वीर साफ हो गई है कि दोनों नेता सीजफायर को तैयार हैं.

कैप्टन ने चाय पर बुलाया 

मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल ने ट्वीट कर कहा कि कैप्टन ने न्योता कबूल करते ही सिद्धू की ताजपोशी से पहले पार्टी के विधायकों, सांसदों और सीनियर नेताओं को चाय पर सुबह 10 बजे बुलाया है.

रवीन ठुकराल ने कहा कि सीएम अमरिंदर सिंह ने राज्य के सभी कांग्रेस विधायकों, सांसदों और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों को शुक्रवार सुबह 10 बजे चाय के लिए आमंत्रित किया है. इसके बाद वो सभी नई पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी की टीम की स्थापना के लिए पंजाब कांग्रेस भवन जाएंगे.

Advertisement

रिश्तों का नया दौर शुरू

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने संकेत दे दिए हैं कि अब सिद्धू के साथ उनके रिश्तों का नया दौर शुरू होगा. सिद्धू की ताजपोशी के लिए कांग्रेस भवन में खास तैयारियां की गई हैं. प्रदेश भर से कांग्रेस के नेताओं को सिद्धू ने न्योता देकर बुलाया है. 

2 साल पहले 20 जुलाई 2019 को नवजोत सिंह सिद्धू ने कैप्टन अमरिंदर की कैबिनेट से इस्तीफा दिया था. 2 साल बाद आज सिद्धू पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष बन चुके हैं और 23 जुलाई को कामकाज संभालेंगे. सिद्धू की ताजपोशी को लेकर सबसे बड़ा सस्पेंस भी खत्म हो गया, सस्पेंस ये कि कैप्टन सिद्धू की ताजपोशी में आएंगे या नहीं, लेकिन कैप्टन की हां से अब आल इज वेल है.

पंजाब कांग्रेस के दफ्तर में सिद्धू की ताजपोशी को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और शुक्रवार को 11 बजे बतौर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धू अपना कार्यभार संभालेंगे. 

कांग्रेस के तमाम नेता और मंत्री उस वक्त सिद्धू के साथ होंगे. बड़ी बात ये है कि पूर्व पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ सिद्धू को कुर्सी पर बिठाएंगे, उस वक्त कैप्टन अमरिंदर भी आशीर्वाद देने के लिए मौजूद होंगे. कांग्रेस आलाकमान की तरफ से पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत समेत कई नेता दिल्ली से चंडीगढ़ आएंगे.

Advertisement

कैप्टन के चेहरे, सिद्धू के नेतृव में जीत पक्की

ताजपोशी को लेकर कांग्रेस वर्कर्स में जोश है, कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि कैप्टन के चेहरे और सिद्धू के नेतृव में 2022 में जीत पक्की है. ऐसे में ताजपोशी का कार्यक्रम ऐतिहासिक होगा.

नाम के ऐलान के बाद से ही नवजोत सिंह सिद्धू एक टीम लीडर की तरह कदम आगे बढ़ा रहे हैं. काम संभालने से पहले ही सिद्धू ने होमवर्क पूरा कर लिया है. पार्टी के विधायकों और मंत्रियों के घर जाकर मुलाकात की. संदेश यही दिया कि सबको साथ लेकर चलेंगे.

क्रिकेटर से राजनेता बने नवजोत सिंह सिद्धू को 2022 से पहले पंजाब कांग्रेस की कमान तो मिल गई, लेकिन अगले साल चुनाव में पार्टी को जिताना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी.

सिद्धू की राह में रोड़े ही रोड़े

हालांकि सिद्धू की राह में रोड़े ही रोड़े हैं. घर के अंदर का झगड़ा सुलझता हुआ दिख रहा है, लेकिन सवाल यही है कि क्या कैप्टन अमरिंदर सिंह की नाराजगी भी दूर होगी या नहीं क्योंकि अभी भी पार्टी के नेता मानते हैं कि दोनों नेताओं के बीच टेंशन पूरी तरह खत्म नहीं हुई.

सवाल ये भी है कि पंजाब मॉडल का दम भरने वाले सिद्धू को कई चुनौतियों से पार पाना है, 2022 में चेहरा तो कैप्टन का होगा लेकिन सत्ता विरोधी लहर से पार पाना होगा. सिद्धू का बड़ा और कड़ा इम्तेहान होगा. और तो और सबसे बड़ी चुनौती पंजाब में आम आदमी पार्टी से है, वही आम आदमी पार्टी जिसने 300 यूनिट मुफ्त बिजली का बड़ा चुनावी दांव खेला है.

Advertisement

सिद्धू ने केजरीवाल के इसी दिल्ली मॉडल से बेहतर पंजाब मॉडल का दावा किया है, लेकिन ताजपोशी से पहले आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) से लेकर अकाली तक तंज कसने में पीछे नहीं है. पंजाब में नशा, खनन, बेरोजगारी, और तीन नए कृषि कानून सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा हैं. सिद्धू बड़ा चेहरा हैं वो युवाओं में पॉपुलर हैं, लेकिन कैप्टन से उनकी अदावत से कांग्रेस की इमेज को धक्का पहुंचा है.

चाहे बेअदबी का मामला हो या फिर पंजाब में भ्रष्टाचार का, कैप्टन सरकार की वर्किंग स्टाइल पर खुद सिद्धू ने सवाल उठाए. कैप्टन सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया, ऐसे में जब सिद्धू 2022 में एक बार फिर पंजाब की जनता के पास जाएंगे तो क्या हिसाब देंगे क्योंकि बीते पांच सालों में उनकी सरकार रही और वो खुद दो साल मंत्री रहे.

इस बीच पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने पलटन, 2 सिख के जवानों के साथ उनके 175वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में डांस किया. 

(आजतक ब्यूरो)

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement