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दिल्ली में घुटा दम! पर पंजाब में नहीं थम रहे पराली जलाने के केस, रविवार को आए 400 मामले

पंजाब रिमोट सेंसिंग सेंटर के अनुसार, रविवार को 404 नई घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें फिरोजपुर में 74, बठिंडा में 70, मुक्तसर में 56, मोगा में 45 और फरीदकोट में 30 मामले शामिल हैं. वहीं, दिल्ली में हवा की गुणवत्ता लगातार गिरती जा रही है. रविवार शाम को दिल्ली का AQI 457 दर्ज किया गया था.

पंजाब में नहीं थम रहे पराली जलाने के केस. (फाइल फोटो) पंजाब में नहीं थम रहे पराली जलाने के केस. (फाइल फोटो)
aajtak.in
  • चंडीगढ़,
  • 18 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 9:34 AM IST

पंजाब में पराली जलाने की घटनाएं थमने नाम नहीं ले रही हैं. रविवार को पूरे पंजाब में पराली जलाने के 400 से ज्यादा नए मामले दर्ज किए गए हैं, जिससे इस सीजन में कुल मामलों की संख्या बढ़कर 8 हजार 404 हो गई है. रिमोट सेंसिंग सेंटर की मानें तो पंजाब में  पराली जलाने की घटनाओं में कमी आई है, लेकिन ये समस्या अभी-भी पहले की तरह बनी हुई है. वहीं, दिल्ली में हवा की गुणवत्ता लगातार गिरती जा रही है. रविवार शाम को दिल्ली का AQI 457 दर्ज किया गया था.

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पंजाब रिमोट सेंसिंग सेंटर के अनुसार, रविवार को 404 नई घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें फिरोजपुर में 74, बठिंडा में 70, मुक्तसर में 56, मोगा में 45 और फरीदकोट में 30 मामले शामिल हैं.

शनिवार को सामने आए थे 136 मामले

शनिवार को राज्य में पराली जलाने की 136 घटनाएं सामने आईं थीं. रिमोट सेंसिंग सेंटर के मुताबिक, संगरूर जिले में सबसे अधिक पराली जलाने की 50 घटनाएं दर्ज की गईं. फिरोजपुर में 30, बरनाला में 17 और पटियाला में 12 पराली जलाने की घटनाएं रिकॉर्ड की गईं थीं.

पिछले सालों की तुलना में 2022 और 2023 में इसी दिन क्रमशः 966 और 1,150 पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की गई थीं. 15 सितंबर से 17 नवंबर तक, पंजाब में कुल 8,404 पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की गईं, जो पिछले सालों की इसी अवधि की तुलना में 75% की कमी दिखाती है. 2022 और 2023 में इसी अवधि के दौरान क्रमशः 47,788 और 33,082 घटनाएं दर्ज की गई थीं.

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वहीं, अक्टूबर और नवंबर में धान की कटाई के बाद पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं के बाद दिल्ली में वायु प्रदूषण बढ़ने के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता है. धान की कटाई के बाद गेहूं की बुवाई के लिए वक्त कम होने के कारण कुछ किसान खेतों जल्दी पराली हटाने के लिए खेतों में आग लगाकर देते हैं, ताकि अगली फसल की बुवाई वक्त पर की जा सके.

पिछले सालों में पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं की संख्या में उतार-चढ़ाव देखा गया है.

  • 2022- 49,922 घटनाएं
  • 2021- 71,304 घटनाएं
  • 2020- 76,590 घटनाएं
  • 2019- 55,210 घटनाएं
  • 2018- 50,590 घटनाएं

पराली जलाने मामलों में आई कमी

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि पराली जलाने की घटनाओं में कमी आई है, लेकिन यह समस्या अभी-भी बनी हुई है. सरकार और संबंधित एजेंसियां किसानों को पराली प्रबंधन के वैकल्पिक तरीकों के प्रति जागरूक करने और उन्हें अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं, ताकि वायु प्रदूषण को कम किया जा सके और पर्यावरण की सुरक्षा की जा सके.

दिल्ली में घुट रहा दम

बता दें कि रविवार को दिल्ली की आबोहवा और खराब हो गई. वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) रविवार को शाम चार बजे 441 तक पहुंच गया और सात बजे बढ़कर 457 हो गया, जिसके बाद CAQM ने एक आपातकालीन बैठक के बाद सोमवार सुबह आठ बजे से दिल्ली समेत पूरे एनसीआर क्षेत्र में प्रभावी ग्रेटेड रिस्पांस एक्शन प्लान या GRAP-4 लागू करने की घोषणा की थी.

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