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पंजाब के स्कूलों-कॉलेजों की कैंटीन में नहीं बिकेगी एनर्जी ड्रिंक, 500 मीटर के दायरे में बैन की तैयारी

इस प्रतिबंध को लागू करने के लिए स्वास्थ्य टीमों द्वारा कैंटीनों की नियमित जांच की जाएगी, और स्कूलों/कॉलेजों के पास स्थित दुकानदारों से आग्रह किया गया है कि वे इस तरह के ड्रिंक्स के विज्ञापन न दिखाएं. इसके बजाय, उन्हें लस्सी, नींबू पानी, ताजे जूस और बाजरे से बने उत्पादों जैसे स्वस्थ विकल्प प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.

पंजाब के स्कूलों की कैंटीन में नहीं मिलेगी एनर्जी ड्रिंक. (AI) पंजाब के स्कूलों की कैंटीन में नहीं मिलेगी एनर्जी ड्रिंक. (AI)
असीम बस्सी
  • नई दिल्ली,
  • 26 मार्च 2025,
  • अपडेटेड 10:39 AM IST

पंजाब के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने गुरुवार को घोषणा की कि जल्द ही स्कूलों और कॉलेजों की कैंटीन में एनर्जी ड्रिंक्स पर प्रतिबंध लगाया जाएगा. इस प्रतिबंध के तहत शैक्षिक संस्थानों के 500 मीटर के दायरे में एनर्जी ड्रिंक्स की बिक्री पर भी रोक लगेगी. यह निर्णय स्वस्थ आहार की आदतों को बढ़ावा देने और युवाओं में लाइफस्टाइल सुधार के उद्देश्य से लिया गया है. 

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'ईट राइट' मेला के उद्घाटन के दौरान मंत्री ने राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा के साथ मिलकर स्कूलों और कॉलेजों के कैंटीन में एनर्जी ड्रिंक्स के नकारात्मक प्रभावों पर जोर दिया. इस प्रतिबंध को लागू करने के लिए स्वास्थ्य टीमों द्वारा कैंटीनों की नियमित जांच की जाएगी, और स्कूलों/कॉलेजों के पास स्थित दुकानदारों से आग्रह किया गया है कि वे इस तरह के ड्रिंक्स के विज्ञापन न दिखाएं. इसके बजाय, उन्हें लस्सी, नींबू पानी, ताजे जूस और बाजरे से बने उत्पादों जैसे स्वस्थ विकल्प प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.

यह भी पढ़ें: पंजाब: बजट से पहले AAP पर विपक्ष का निशाना, कहा- 'भारी कर्ज में डूबा हुआ है राज्य' 

इस दौरान डॉ. सिंह ने मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने और समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए मिलेट्स और जैविक खाद्य पदार्थों के सेवन के महत्व को भी बताया. उन्होंने कहा कि मोटे अनाजों, जैसे बाजरा, कंगनी, कोदरा, ज्वार, सांवन और रागी, के सेवन की उपेक्षा करना चिंता का विषय है, क्योंकि इनका सेवन अच्छे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है. उन्होंने यह भी बताया कि इन अनाजों की खेती न केवल पानी की बचत करती है, बल्कि यह एक स्वस्थ आहार में योगदान करती है. उन्होंने पोषक तत्वों से भरपूर इन अनाजों के लाभों के बारे में जागरूकता फैलाने और उनके उत्पादन के लिए एक अनुकूल वातावरण बनाने की आवश्यकता पर बल दिया. इसके अलावा उन्होंने आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं से नशे से जुड़ी समस्याओं से निपटने में मदद करने का आह्वान किया.

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सांसद संजीव अरोड़ा ने ईट राइट मेला के पीछे के प्रयासों की सराहना की, यह कहते हुए कि यह जागरूकता अभियान सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा. कैबिनेट मंत्री और सांसद ने भी इस आयोजन में जैविक उत्पादों के विभिन्न स्टॉलों का दौरा किया.

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