
साल 2022 में गलती से भारत में घुस आए 2 पाकिस्तानी नाबालिग बच्चों को भारत सरकार ने रिहा कर दिया है. करीब 2 साल के अंतराल के बाद ये नाबालिग आज अपने वतन लौट सकेंगे. दोनों गलती से सीमा पार करके 31 अगस्त 2022 को भारत आ गए थे. इन्हें 18 अप्रैल 2023 को तरनतारन की कोर्ट ने बरी कर दिया था. कुछ कानूनी अड़चनों के चलते तब से दोनों की रिहाई लंबित थी.
जिला एवं सेशन न्यायाधीश नवजोत कौर ने कहा कि 31 अगस्त 2022 को पाकिस्तानी मूल के दो बच्चे गलती से बॉर्डर को पार करके भारत में प्रवेश कर गए थे. तरनतारन जिले के अधिकारियों ने बच्चों को पकड़कर बाल सुधार गृह भेज दिया था. उनके खिलाफ तरनतारन की जिला अदालत में एक केस दायर किया गया था.
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दोनों बच्चों को 18 अप्रैल 2023 को न्यायालय द्वारा बरी कर दिया गया था. इसके बाद उन्हें वापस पाकिस्तान भेजने में कई तरह की कानूनी अड़चनें आईं. लगभग एक वर्ष की अवधि के बाद और पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के प्रशासनिक न्यायाधीश जस्टिस एनएस शेखावत के प्रयासों से आज इन बच्चों को रिहा किया जा रहा है.
कानूनी बाधाओं की वजह से रिहाई में हुई देरी
दोनों नाबालिग बच्चों को 18 अप्रैल 2023 के बाद ही रिहा किया जाना था, लेकिन मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर का होने के कारण विभिन्न कानूनी बाधाओं के कारण देरी हुई. आखिरकार उन्हें आज अटारी सीमा के माध्यम से उनके वतन वापस भेजा जा रहा है. बच्चे नाबालिग हैं, इसलिए उनकी पहचान गुप्त रखी जा रही है. दोनों बच्चों को बाल सुधार गृह में रखा गया था.