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तरनतारन: खेत में जल रही थी पराली, आग की चपेट में आकर बुजुर्ग महिला की मौत

मृतक महिला का पोता भी आग में झुलस गया, जबकि स्कूटी में आग लग गई. पुलिस को जैसे ही इस घटना की जानकारी मिली वो मौके पर पहुंची और स्कूटी को कब्जे में ले लिया.

पराली की आग में झुलसकर एक बुजुर्ग की गई जान (सांकेतिक फोटो) पराली की आग में झुलसकर एक बुजुर्ग की गई जान (सांकेतिक फोटो)
जगदीप सिंह
  • तरनतारन,
  • 08 नवंबर 2020,
  • अपडेटेड 9:52 AM IST
  • पराली की आग की चपेट में आकर महिला की मौत
  • मुश्किल से खेत से बाहर निकला पोता, बचाई जान
  • देर रात पुलिस ने दर्ज किया मामला

पिछले कुछ दिनों से पराली जलाने को लेकर काफी खबरें आ रही हैं. दिल्ली और एनसीआर में प्रदूषण की समस्या की जड़ पराली को ही बताया जा रहा है. हालांकि इसके बावजूद पराली जलाने पर रोक नहीं लगाई जा रही है. राज्य सरकारों की लापरवाही का खामियाजा तरनतारन के थाना खालड़ा में एक बु्जुर्ग और उसके पोते को उठाना पड़ा. शनिवार को जब दोनों स्कूटी पर बैठकर खेत से गुजर रहे थे तभी गांव वीरम में स्कूटी सवार युवक और बुजुर्ग महिला खेतों में लगी पराली की आग की चपेट में आ गए. इस हादसे में बुजुर्ग महिला की जान चली गई.  

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वहीं मृतक महिला का पोता भी आग में झुलस गया, जबकि स्कूटी में आग लग गई. पुलिस को जैसे ही इस घटना की जानकारी मिली वो मौके पर पहुंची और स्कूटी को कब्जे में ले लिया. देर रात पुलिस ने पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ केस भी दर्ज किया है.    

क्या है मामला? 

तरनतारन जिले के गांव वीरम का रहने वाला 20 वर्षीय लवप्रीत सिंह अपनी दादी मनजीत कौर के साथ अपने गांव से भिखीविंड जा रहा था. जब वह गांव से बाहर खेतों में पहुंचा तो एक किसान ने अपने खेत में आग लगा रखी थी. यह खेत सड़क के बिल्कुल साथ है. इससे पहले कि लवप्रीत कुछ समझ पाता आग के धुएं ने उन्हें घेर लिया. उसने किसी तरह स्कूटी निकालने की कोशिश की, मगर धुएं के कारण वह बाहर निकलने के बजाय खेतों में जा पहुंचे. 

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इस बीच पीछे से आग की लपटों तेजी से उनकी ओर बढ़ीं. लवप्रीत ने बताया कि आग से बचने के लिए उसने स्कूटी वहीं छोड़ी दी और दादी के साथ आग की विपरीत दिशा में भागने लगे. लेकिन आग ने उन दोनों को अपनी चपेट में ले लिया. वह किसी तरह खेतों से बाहर निकलने में कामयाब हो गया जबकि दादी वहीं फंस गई. 

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लवप्रीत ने शोर मचाया तो राहगीरों ने इकट्ठे होकर आग बुझाई और दादी को बाहर निकाला, लेकिन तब तक दादी 90 फीसदी झुलस गई थीं, उन्होंने वहीं दम तोड़ दिया. जबकि लवप्रीत भी कई जगह से झुलस गया.

नवंबर में तरनतारन के 541 खेतों में लगाई गई आग 

नवंबर के 7 दिनों में तरनतारन के 541 तो अमृतसर के 257 खेतों में आग लगाई गई है. प्रशासन की सख्ती के बावजूद किसानों की ओर से रोजाना पराली जलाई जा रही है. नवंबर महीने के पिछले सात दिनों में अमृतसर में खेतों में आग लगने के 257 मामले रिपोर्ट हुए हैं, वहीं तरनतारन में यह आकंड़ा 541 रहा है. सिर्फ 7 नवंबर को तरनतारन में 88, जबकि अमृतसर में 40 खेतों में आग लगाई गई है. 

तरनतारन के एसएसपी ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उनकी ओर से मामला दर्ज कर लिया गया है और मृतक महिला का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है. मामले की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. 

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जेपी सिंह की रिपोर्ट..


 

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