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365 गवाह, 15 आरोपी... राजकोट गेम जोन अग्निकांड में 1 लाख पन्ने की चार्जशीट दाखिल

2021 में शुरू हुआ यह गेम जोन पूरी तरीके से अवैध था, इतना बड़ा गेम जोन खड़ा करने के लिए मालिकों ने राजकोट महानगर निगम से किसी भी प्रकार की मंजूरी नही ली थी.जांच में यह भी सामने आया कि गेम जोन में आग बुझाने के लिए कोई साधन उपलब्ध नहीं थे.

इसी गेम जोन में लगी थी भयानक आग. (Photo: ANI) इसी गेम जोन में लगी थी भयानक आग. (Photo: ANI)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 25 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 4:45 PM IST

गुजरात के राजकोट में इसी साल 25 मई को TRP गेम जोन अग्निकांड मामले में पुलिस ने चार्जशीट दायर कर दी है. 2 महीने के भीतर कोर्ट में दायर की गई इस चार्जशीट में 15 लोगों के खिलाफ 1 लाख से ज्यादा पन्नों के दस्तावेजी सबूत पेश किए गए हैं. वहीं, कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि बीजेपी नेताओं को इस मामले में क्लीनचिट दी गई है. इस मसले पर कांग्रेस का कहना है कि वो पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे.

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आग हादसे में 27 लोगों की गई थी जान

राजकोट के TRP गेम जोन में हुए इस भयानक हादसे ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था. इस घटना में 27 लोगों की मौत हुई थी. इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच की SIT द्वारा की जा रही थी. इस केस में 16 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, जिसमें गेम जोन के मालिकों और राजकोट महानगर निगम में अधिकारी शामिल थे. बता दें कि गेम जोन के एक मालिक प्रकाश जैन की भी इस अग्निकांड में मौत हो गई थी. 

365 गवाहों के बयान दर्ज

इस केस में 365 गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं. साक्ष्यों के साथ लगभग 1 लाख पन्नों की यह चार्जशीट राजकोट की अदालत में दाखिल की गई है. यह केस सरकार की मंजूरी के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रांसफर किए जाने की तैयारी है.पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक आरोपियों को 10 साल तक की सजा हो सकती है.

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3 से 4 मिनट में विकराल हुई थी आग

डीसीपी क्राइम पार्थराज सिंह गोहिल के मुताबिक, जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज भी जब्त कर लिया है. प्रत्यक्षदर्शियों और गेमजोन में काम करने वाले लोगों के बयान भी दर्ज किए गए हैं. जिसके बाद सामने आया है कि आग लगने के तीन से चार मिनट के अंदर ही आग ने भीषण रूप धारण कर लिया था. जिस क्षेत्र में वेल्डिंग की गई थी, उसके नीचे और आसपास बड़ी मात्रा में रासायनिक फॉर्म शीट का उपयोग किया गया था. साथ ही निर्माण सामग्री में लकड़ी का भी प्रयोग किया गया. जिससे आग आसानी से फैल गई. 

यह भी पढ़ें: राजकोट गेमजोन अग्निकांडः पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस निकालेगी न्याय यात्रा

अवैध था ये गेम जोन

2021 में शुरू हुआ यह गेम जोन पूरी तरीके से अवैध था, इतना बड़ा गेम जोन खड़ा करने के लिए मालिकों ने राजकोट महानगर निगम से किसी भी प्रकार की मंजूरी नही ली थी.जांच में यह भी सामने आया कि गेमजोन में आग बुझाने के लिए कोई साधन उपलब्ध नहीं थे. 

कांग्रेस ने लगाए ये आरोप

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इस घटना में पुलिस के द्वारा राजकोट महानगर निगम के भाजपा के पदाधिकारियों को बचाया जा रहा है.कांग्रेस ने कहा कि आरोपी अधिकारियों ने पुलिस को कुछ भाजपा नेताओं के नाम भी दिए थे फिर भी कोई एक्शन नहीं लिया गया. भाजपा के नेताओ को क्लीनचीट मिल गई.

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