
पंजाब के युवाओं में विदेश जाने का क्रेज तेजी से बढ़ा है. इसकी वजह से एक नया बिजनेस भी फल-फूल रहा है. पंजाब सरकार अब इस पर लगाम लगाने की तैयारी में है. पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री कुलदीप धालीवाल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को इसे लेकर प्रस्ताव भेजा है जिसमें विदेश जाने के लिए जरूरी आईईएलटीएस को पाठ्यक्रम में शामिल करने का प्रस्ताव दिया गया है.
पंजाब के अजनाला विधानसभा क्षेत्र से विधायक और भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार में कैबिनेट मंत्री कुलदीप धालीवाल ने कहा है कि इससे अवैध तरीके से संचालित आईईएलटीएस केंद्रों पर लगाम लग सकेगी. उन्होंने ये भी साफ किया है कि उनकी ओर से अभी बस प्रस्ताव भेजा गया है. NRI मामलों से जुड़े विभाग के मंत्री धालीवाल ने कहा कि इस प्रस्ताव पर विचार के बाद सरकार की ओर से फैसले का ऐलान किया जाएगा.
IELTS क्या है
आईईएलटीएस या इंटरनेशनल इंग्लिश लैंगुएज टेस्टिंग सिस्टम विदेश में नौकरी या पढ़ाई की चाह रखने वाले युवाओं के लिए अनिवार्य परीक्षा है. इस टेस्ट के जरिए इंटरनेशनल पढ़ाई या नौकरी के लिए विदेश जाने के इच्छुक व्यक्ति की अंग्रेजी भाषा में दक्षता का परीक्षण किया जाता है. उन देशों में पढ़ाई या नौकरी के लिए ये टेस्ट पास करना जरूरी है, जहां अंग्रेजी भाषा बोली जाती है.
विदेश में पढ़ाई या नौकरी के लिए अनिवार्य है ये टेस्ट
आईईएलटीएस विदेश में पढ़ाई या नौकरी के लिए जाने के इच्छुक युवाओं के लिए अनिवार्य है. इस टेस्ट के जरिए आवेदक की अंग्रेजी भाषा में दक्षता का परीक्षण कर ये आकलन किया जाता है कि वह व्यक्ति उस देश में सेटल हो पाएगा या नहीं. विदेश जाकर पढ़ाई या नौकरी करने का सपना पूरा करने की प्रक्रिया में इस टेस्ट के स्कोर का खास रोल है.
पंजाब में जगह-जगह खुले हैं सेंटर
विदेश जाकर नौकरी का क्रेज पंजाब के युवाओं में तेजी से बढ़ा है. पिछले कुछ साल में कनाडा, पंजाब के युवाओं की पहली पसंद बनकर उभरा है. बेहतर वेतन, बेहतर जीवनशैली की चाह में युवाओं की इसी महत्वाकांक्षा का फायदा उठाते हुए सूबे में जगह-जगह आईईएलटीएस सेंटर खुल गए हैं. इन सेंटर्स पर आईईएलटीएस के बहाने मोटा पैसा वसूला जा रहा है.
किराने की दुकान से अधिक IELTS सेंटर
पंजाब सरकार के अप्रवासी मामलों के विभाग के मंत्री कुलदीप धालीवाल ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सूबे में किराने की दुकान से अधिक आईईएलटीएस सेंटर खुल गए हैं. उन्होंने कहा कि गांव-गांव, शहर-शहर में आईईएलटीएस के नाम पर ये सेंटर्स लोगों को लूट रहे हैं. इसी को देखते हुए आईईएलटीएस को कॉलेज लेवल एजुकेशन में एक सब्जेक्ट के रूप में शामिल करने की सिफारिश की गई है.
NSUI ने की धालीवाल की आलोचना
आईईएलटीएस को पाठ्यक्रम में शामिल करने की सिफारिश के लिए नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) पंजाब के अध्यक्ष इशरप्रीत सिंह सिद्धू ने कुलदीप धालीवाल की आलोचना की है. इशरप्रीत सिंह सिद्धू ने धालीवाल की आलोचना करते हुए कहा कि आईईएलटीएस को विषय के रूप में पाठ्यक्रम में शामिल करने की बात कर वे युवाओं को भ्रमित कर रहे हैं.
एनएसयूआई पंजाब के अध्यक्ष ने धालीवाल के बयान को पब्लिसिटी स्टंट बताते हुए कहा कि उनके पास जानकारी का अभाव है. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता ये भूल गए कि आईईएलटीएस एक परीक्षा है, विषय नहीं. एनएसयूआई पंजाब के अध्यक्ष ने साथ ही ये भी जोड़ा कि अपने इस बयान से राज्य सरकार के मंत्री ने बेरोजगारी को लेकर व्याप्त चिंता को एक तरह से स्वीकार किया है.