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जालंधर: ग्रांट घोटाले में फंसे पूर्व कांग्रेस पार्षद ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में लिखी ये बात

जालंधर में पूर्व पार्षद सुशील कालिया (विक्की) ने जहरीला पदार्थ निगल कर आत्महत्या कर ली. मृतक ने एक सुसाइड नोट भी लिखा जिसमें उन्होंने भाजपा के पूर्व विधायक केडी भंडारी सहित कई लोगों के नाम लिखे हैं. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

प्रतीकात्मक तस्वीर. प्रतीकात्मक तस्वीर.
परमजीत रंगपुरी
  • जालंधर,
  • 29 जनवरी 2023,
  • अपडेटेड 7:29 AM IST

पंजाब के जालंधर में पूर्व कांग्रेस पार्षद सुशील कालिया उर्फ विक्की ने जहरीला पदार्थ निगल लिया. जहरीला पदार्थ निगलने के बाद जब उनकी हालत बिगड़ने लगी तो परिजन तुरंत उन्हें सेक्रेड हार्ट अस्पताल में लेकर पहुंचे. जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया. उनका एक सुसाइड नोट पुलिस को मिला है. जिसमें उन्होंने पूर्व विधायक केडी भंडारी सहित कई लोगों के नाम लिखे हैं. फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है.

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जानकारी के मुताबिक, वार्ड नंबर 64 से पूर्व पार्षद सुशील कालिया उर्फ विक्की ने सुसाइड नोट में पूर्व विधायक केडी भंडारी, राजकुमार, उनकी पत्नी अंजू, आकाश शर्मा और अन्य कई नाम लिखे हैं.

बता दें, सुशील कालिया उनके बेटे अंशुमन और रिश्तेदारों के खिलाफ पिछले साल पुलिस ने भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया था. सुशील कालिया और उनके परिजनों पर विधायक निधि के दुरुपयोग का आरोप लगा था. सुशील कालिया ने तो केस में पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय से जमानत ले ली थी, लेकिन उनके बेटे को हाईकोर्ट से जामनत नहीं मिली थी. इसके बाद जमानत का मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा था, लेकिन वहां पर भी कोई राहत नहीं मिली थी.

विधायक बावा हेनरी ने अपनी विधायक निधि से उत्तरी हलके में छह वेलफेयर सोसायटियों को 10-10 लाख की ग्रांट जारी की थी. लेकिन जो ग्रांट जारी हुई थी वह बैंक खाते से तो निकल गई लेकिन आगे प्रयोग नहीं हुई. प्रदेश सत्ता पलट हो गया तो मौजूदा सरकार ने इसकी एडीसी से जांच करवाई जिसमें उन्होंने पार्षद सुशील कालिया उनके बेटे अंशुमन समेत 20 लोगों को दोषी पाया. जांच रिपोर्ट के आधार पर ही पुलिस ने सभी को नामजद किया था.

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इस सारे गड़बड़झाले की शिकायत नार्थ हलके से ही भाजपा के पूर्व विधायक कृष्णदेव भंडारी (केडी भंडारी) ने डीसी को की थी. प्रदेश में आम आदमी पार्टी की सरकार नई-नई थी और भ्रष्टाचार के खिलाफ भी मुहिम गर्मजोशी से शुरू हुई थी. डीसी ने भी आगे जांच एडीसी वरिंदरपाल को सौंप दी. जांच रिपोर्ट आने के बाद फिर से इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई जिसने सभी बीस लोगों के खिलाफ हेराफेरी की धारा 420 भी जोड़ दी.

जालंधर नॉर्थ से पूर्व भाजपा के विधायक कृष्ण देव भंडारी ने कहा कि उनका विक्की कालिया के साथ कोई संपर्क नहीं था. उनकी कई सालों से विक्की के साथ कोई मुलाकात नहीं हुई थी. उन्होंने कहा कि जो उन पर आरोप लगाए गए वह मिथ्या हैं. उन्होंने कहा कि सोसायटियों के कुछ लोग उनसे मिले थे. उन्होंने कहा था कि सोसायटियों में विधायक निधि के नाम पर घोटाला हुआ है. जिसकी उन्होंने शिकायत की थी. जो जांच में भी सही पाई गई.

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