
पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने अवैध माइनिंग करने वालों को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि ऐसा काम करने वालों पर राष्ट्रद्रोह का केस दर्ज होना चाहिए.
गवर्नर मंगलवार को फाजिल्का के सीमावर्ती गांवों के दौरे पर थे. यहां उन्होंने भारत-पाक सीमा पर अवैध रेत खनन को देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया है. उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मामला दर्ज किया जाना चाहिए.
राज्यपाल ने कहा कि पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में अवैध रेत खनन को प्रदेश के अन्य हिस्सों में हो रहे खनन की तरह नहीं माना जाना चाहिए. पाकिस्तान के साथ सीमा के पास खनन ने बंकरों और पुलों सहित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण संरचनाओं को बड़ा नुकसान पहुंचाया है. यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रहा है.
पाकिस्तान से पंजाब के छह जिलों को ज्यादा खतरा
राज्यपाल बनवारीलाल ने पाकिस्तान को देश की सुरक्षा के लिया बड़ा खतरा बताया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से पंजाब के 6 जिलों को खतरा है. उन्होंने कहा कि सीमा से नशे व हथियारों की तस्करी होती है, जो कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है. पाकिस्तान में सीधे युद्ध करने की हिम्मत नहीं है इसलिए वह भारत की आबादी को कमजोर करना चाहता है.
नशा तस्करी मामले से सख्ती से निपटें एजेंसियां
राज्यपाल ने कहा कि बड़ी तादाद में पाकिस्तान से नशे की तस्करी हो रही है. उन्होंने सभी एजेंसियों को इस मामले में सख्ती से निपटने का आदेश दिया. साथ ही उन्होंने सभी एजेंसियों को मिलकर काम करने को कहा है. राज्यपाल ने कहा कि स्कूल-कॉलेज तक नशा पहुंच गया है. बच्चे व लड़कियां नशा करने लगी है. हर गांव में नागरिक सुरक्षा समिति का गठन होना चाहिए.
राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं करना चाहिए: कांग्रेस
राज्यपाल का बयान सामने आने के बाद कांग्रेस MLA प्रताप सिंह बाजवा ने ट्वीट किया- भगवंत मान को राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं करना चाहिए. पंजाब के राज्यपाल द्वारा व्यक्त की गई चिंता और सीमावर्ती क्षेत्रों में बेलगाम अवैध खनन से राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरे की चिंता और उच्च न्यायालय की फटकार लगाने के बाद भी मान सरकार ने इस खतरे को रोकने के लिए कुछ नहीं किया.