
पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक के मामले में भगवंत मान सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. जानकारी के मुताबिक पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की जांच रिपोर्ट में दोषी पाए गए अफसरों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का फैसला किया है. तत्कालीन डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय, फिरोजपुर के तत्कालीन डीआईजी इंदरबीर सिंह, तत्कालीन एसएसपी हरमनदीप हंस के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई के आदेश जारी किए गए हैं. पिछले साल जनवरी में जब पीएम मोदी पंजाब चुनाव के दौरान प्रचार के लिए गए थे, तब किसानों ने उनके काफिले को बीच सड़क पर रोक दिया था, इसे पीएम की सुरक्षा में बड़ी चूक माना गया था.
नौ पुलिस अफसर पाए गए थे दोषी
पीएम की सुरक्षा में सेंध के मामले में तत्कालीन चन्नी सरकार ने दावा किया था कि ऐन वक्त पर पीएम का रूट बदल दिया गया था. वहीं बीजेपी ने कांग्रेस पर लापरवाही का आरोप लगाया था. इस मामले में पिछले हफ्ते जांच रिपोर्ट सामने आई थी, जिसमें 9 पुलिस अधिकारियों को दोषी पाया गया था. इन अफसरों में चीफ सेकरेट्री अनिरुद्ध तिवारी, पंजाब डीजीपी एस चट्टोपाध्याय, एसएसपी हरमनदीप सिंह, तब के डिप्टी आईजी सुरजीत सिंह का भी नाम शामिल था.
SC ने गठित की थी जांच कमेटी
पीएम की सुरक्षा में हुई चूक के मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने पांच सदस्यीय एक कमेटी गठित की थी. रिटायर्ड जस्टिस इंदु मल्होत्रा इस कमेटी के अध्यक्ष थे. छह महीने पहले जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट पेश की थी. इसके बाद, इस हफ्ते की शुरुआत में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने पंजाब के मुख्य सचिव विजय कुमार जंजुआ से कार्रवाई की रिपोर्ट जमा करने को कहा था. इसमें राज्य सरकार द्वारा दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई में देरी का भी जिक्र किया गया था.
क्या है पूरा मामला?
5 जनवरी 2022 को पीएम पंजाब दौरे पर गए थे. जब वह बठिंडा हवाई अड्डे से हुसैनीवाला जाने के लिए सड़क मार्ग से यात्रा कर रहे थे तो उनका काफिला एक फ्लाईओवर पर आधे घंटे तक फंसा रहा था. गृह मंत्रालय ने तब बताया था कि पीएम मोदी के कार्यक्रम और दौरे के बारे में पंजाब सरकार को पहले ही बता दिया गया था. ऐसे में नियमों के मुताबिक, राज्य को सुरक्षा के साथ-साथ आकस्मिक योजना तैयार रखने की जरूरत थी.