राजस्थान के फतेहपुर में बालाजी मंदिर के पास शुक्रवार रात सवा नौ बजे फ्लाईओवर पर एक ट्रक चढ़ाई के दौरान एक अन्य ट्रक को ओवरटेक करने के प्रयास में सामने से आ रहे ट्रोले से भिड़ गया. भिड़ंत के बाद दोनों ट्रकों में भीषण आग लग गई. डीजल सड़क पर बिखरने से दूर तक आग लग गई. ट्रक सवार दो युवक जिंदा जल गए. लपटें इतनी ज्यादा थीं कि रात 12 बजे तक युवक का शव नहीं निकाला जा सका. इसके बाद हादसे में झुलसे दोनों लोगों को गंभीर हालत में फतेहपुर के धानुका अस्पताल में भर्ती कराया गया है. (इनपुट-राकेश गुर्जर)
मौके पर ओवरब्रिज के दोनों और सैकड़ों लोग एकत्रित हो गए. लोगों ने मिट्टी और पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की लेकिन आग नहीं बुझी. दमकल की दो गाड़ियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया.
वहीं, हादसे के बाद आगजनी से हाईवे पर करीब ढाई से तीन किलोमीटर लंबा जाम लग गया है. सैकड़ों लोग मौके पर जमा हो गए. फतेहपुर कोतवाली सीआई उदयसिंह यादव ने बताया कि घटना में घायल दोनों लोगों को धानुका अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद सीकर रैफर कर दिया है. एक युवक बीकानेर का रहने वाला है जिसकी उम्र 20 वर्ष है जिसे एसके हॉस्पिटल सीकर के बर्न वार्ड में भर्ती किया गया है.
जानकारी के मुताबिक, रात 12 बजे तक शव को ट्रकों के बीच से नहीं निकाला जा सका. क्योंकि लोहा गर्म था. दमकल आधा घंटे देरी से पहुंची. घटना के एक घंटे बाद दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया. करीब सवा घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. फ्लाईओवर की चौड़ाई कम थी और दोनों ट्रकों ने एक ही साइड में स्टेयरिंग घुमा दी, जिससे भिड़ंत हो गई.
चूरू की ओर से आ रहे दूसरे ट्रक का चालक द्वारका अजमेर का रहने वाला है. द्वारका ने बताया कि वह हाइवे पर चूरू से फतेहपुर की ओर आ रहा था. एक ट्रक एचआर 39 डी 9948 भी चूरू से फतेहपुर की ओर जा रहा था. ट्रोले ने हमारे चावल से भरे ट्रक को ओवरटेक किया. चढ़ाई के कारण ट्रोला स्पीड में था. सामने से आ रहा दूसरा ट्रोला आरजे 07 जीडी 0207 फतेहपुर से चूरू की ओर जा रहा था. इसमें चूना पत्थर भरा हुआ था.
इस दौरान दोनों ट्रोलों ने एक ही साइड में ट्रोलों की स्टेयरिंग मोड़ दी जिससे दोनों के बीच भीषण भिड़ंत हो गई और आग लग गई. ट्रक चालक द्वारका ने आगे बताया कि ब्रिज भी ज्यादा चौड़ा नहीं था. ब्रिज पर एक बार में दो ट्रक निकलने के बाद ज्यादा जगह नहीं बचती है. चूरू से आ रहा ट्रोला ओवरब्रिज की रेलिंग तोड़ते हुए करीब तीन फीट नीचे लटक गया है. आगजनी इतनी भीषण थी कि काफी दूर से तक आग की लपटें उठने के कारण कोई भी पास नहीं जा पा रहा था.
एक ट्रोले की डीजल टंकी में विस्फोट होने से आग और बढ़ गई. डीजल बिखरने से रोड पर भी आग की ऊंची लपटें उठने लगी. करीब 10.35 बजे क्रेन बुलाई गई ताकि ट्रोलों को दूर कर रास्ता सुचारू किया जा सके. ट्रक में अक्सर एक चालक और एक परिचालक होता है, लेकिन दोनों ट्रकों में तीन लोग ही निकले हैं जिनमें से एक जिंदा जल गया. डीजल बिखरने से सड़क पर भी काफी दूर तक लपटें उठने लगीं.