Advertisement

अस्पताल में नवजात की मौत के बाद परिजनों का हंगामा, टेबल पर शव रख दादी ने पूछा- कैसे मर गया मेरा बच्चा?

राजस्थान के कोटा जिले के एक अस्पताल में नवजात की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा कर दिया. परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सहमति देने के बाद भी ऑपरेशन नहीं किया गया. इस वजह से बच्चे की मौत हो गई. अस्पताल के कर्मचारियों पर पैसे मांगने का भी आरोप लगाया गया है.

प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर
शरत कुमार
  • कोटा,
  • 10 जून 2021,
  • अपडेटेड 2:16 PM IST
  • नवजात की मौत के बाद परिजनों का हंगामा
  • राजस्थान के कोटा की है यह घटना
  • दादी ने टेबल पर शव को रख पूछा, कैसे मरा बच्चा

राजस्थान के कोटा के जे.के. लोन अस्पताल में एक नवजात की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा कर दिया. परिजन मृत नवजात के शव को लेकर कलेक्ट्री भी पहुंच गए, लेकिन वहां पर तैनात पुलिस ने उन्हें अंदर जाने नहीं दिया. बाद में जिला कलेक्टर ने इस मामले में जानकारी मिलने के बाद तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है. अस्पताल अधीक्षक ने भी चिकित्सकों को रिपोर्ट देने के लिए निर्देशित किया है और मामले की जांच करवाने की बात कही है. वहीं, हंगामा करते हुए मृतक की दादी ने नवजात के शव को अस्पताल अधीक्षक की टेबल पर रख दिया. परिजनों ने सवाल किया कि उनके बच्चे की मौत कैसे हो गई.

Advertisement

कोटा जिले के इंदिरा गांधी नगर, डीसीएम की रहने वालीं माधुरी को डिलीवरी की संभावित तारीख जून दी गई थी. परिजनों ने महिला को आठ जून को अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां उसकी नॉर्मल डिलीवरी हुई. हालांकि, नवजात मृत पैदा हुआ. परिजनों का कहना है कि उन्होंने अस्पताल को ऑपरेशन के लिए सहमति दे दी थी, लेकिन डॉक्टरों ने ऑपरेशन नहीं किया. इसी वजह से बच्चे की धड़कन बंद हो गई और उसकी मौत हो गई. हंगामे के दौरान पुलिस ने परिजनों को काफी समझाया, जिसके बाद वे शव को वापस ले गए. परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों को उन्होंने ऑपरेशन करने के लिए कहा था, लेकिन उनकी एक भी बात नहीं मानी गई. 

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि जानकार लोगों का अस्पताल में डॉक्टर सही से इलाज करते हैं, जबकि अन्य लोगों का इलाज ढंग से नहीं किया जाता है. अस्पताल में कार्यरत कर्मचारियों पर परिजनों ने पैसे मांगने का आरोप लगाया है. मृतक की दादी कमला ने बताया, ''अस्पताल वालों की गलती से हमारे बच्चे की मौत हुई है. वे हम लोगों को बताते रहे कि नवजात की धड़कन सही से चल रही है, जबकि हम लोग ऑपरेशन करने की मांग कर रहे थे. अस्पताल ने परिवार से पैसों की भी मांग की थी.''

Advertisement

वहीं, अस्पताल अधीक्षक अशोक मूंदड़ा ने कहा कि परिजनों ने शिकायत दी है, जिसकी जांच की जा रही है. एएसआई विष्णु ने बताया कि जेके लोन अस्पताल में हंगामे की सूचना मिलने के बाद हम घटनास्थल पर पहुंचे. परिजनों ने कहा है कि डॉक्टरों ने अच्छी तरह से नहीं देखा इसलिए उनके बच्चे की मौत हो गई.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement