
राजस्थान में कल रविवार से शुरू होने वाला गुर्जर आंदोलन स्थगित हो गया है. कहा जा रहा है कि राज्य सरकार और गुर्जर नेताओं के बीच आज शनिवार को जयपुर में चली 6 घंटे की बातचीत में सहमति बन गई है और गुर्जर नेताओं की जो मांग थी उसमें से ज्यादातर मांगें सरकार ने मानने का भरोसा दिया है. सरकार 5 फीसदी गुर्जर आरक्षण देने को राजी हो गई है.
हालांकि कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने कहा है कि जिन गुर्जर नेताओं से सरकार ने वार्ता की है, कल (रविवार) वह सुबह आंदोलन स्थल पीलू पर आकर सरकार से हुई वार्ता के बारे में बातचीत करेंगे और फिर समाज जो फैसला लेगा. उसके साथ हम लोग हैं. हमारी सरकार से कुछ मांगें हैं जिसके लिए हम आंदोलन कर रहे थे और अगर सरकार मांगें मान लेती है तो हम आंदोलन वापस ले लेंगे.
राज्य सरकार के साथ बैठक में यह तय हुआ है कि गुर्जर आंदोलन के दौरान मारे गए 3 लोगों को पांच लाख रुपये और घर वालों को सरकारी नौकरी दी जाएगी. सरकारी नौकरियों में बैकलॉग में भी गुर्जर आरक्षण का लाभ दिया जाएगा. सरकार के साथ गुर्जर आंदोलन के समय 2011 में जो समझौता हुआ था उसकी पालना की जाएगी और 2018 में जो विशेष पिछड़ा वर्ग के भर्तियों के पद शेष रह गए हैं उन पर भी गुर्जरों को आरक्षण दिया जाएगा. यही नहीं 1,252 पदों पर नियमित वेतनमान श्रृंखला के तहत सरकारी नौकरी विशेष आरक्षण कोटे के तहत दी जाएगी.
इसके अलावा गुर्जर आंदोलनकारी नेताओं पर मुकदमे वापस लेने के लिए भी सरकार कोर्ट में पहल करेगी. 5 फीसदी गुर्जर आरक्षण को किसी कोर्ट में चुनौती नहीं दी जा सके इसके लिए राजस्थान सरकार गुर्जर आरक्षण को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करवाने के लिए केंद्र सरकार से कहेगी. सरकार के साथ वार्ता और फैसले से गुर्जरों का एक गुट संतुष्ट बताया जा रहा है.
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गुर्जर नेताओं के साथ बातचीत में यह फैसला किया गया कि देवनारायण योजना की समीक्षा की जाएगी और देवनारायण योजना के तहत कॉलेज और खेल मैदान बनाए जाएंगे. देवनारायण योजना में निर्माणाधीन 5 आवासीय विद्यालयों के कमेटी गठित होगी. लबाना जाति के जाति प्रमाण पत्र की जांच कर सरकार ने कार्रवाई करने का भरोसा दिया है. राज्य सरकार जांच के बाद कार्रवाई करेगी.
इससे पहले गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति ने शुक्रवार को आरक्षण की मांग को लेकर रविवार (एक नवंबर) से आंदोलन करने की चेतावनी दी है. समिति ने साथ ही आंदोलन के दौरान रेल और सड़क जाम करने की भी धमकी दी है. गुर्जर समाज के लोग राज्य की अशोक गहलोत सरकार की अनदेखी से नाराज हैं.
दौसा में इसी मुद्दे को लेकर पिछले दिनों गुर्जर समाज की बैठक हुई, जिसमें फैसला लिया गया कि गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रमुख कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला इस आंदोलन का अगुवाई करेंगे. किरोड़ी सिंह बैंसला ने गुर्जर समाज के लोगों से एक नवंबर को पीलूपुरा पहुंचने और रेल और सड़क मार्ग ब्लॉक करने को कहा है. इन लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 21 को भी अवरुद्ध करने का प्लान भी तैयार किया.