
गरीबी एक ऐसा दंश है जिसके दर्द की कोई इंतिहा नहीं. पल-पल पीड़ा देने वाली गरीबी लोगों को कभी ऐसी कगार पर लाकर भी खड़ा कर देती है, जब लोग मौत को गले लगाना आसान समझते हैं. राजस्थान में एक ऐसी घटना सामने आई है जो दिल दहला देने वाली है. यहां गरीबी के साथ ही जन्म देने वाली मां ने ऐसा कदम उठाया जिसे जानकर रूह कांप जाए.
मामला जयपुर का है. यहां गरीबी से तंग आकर एक महिला ने अपने ही बच्चों का गला घोंट दिया और खुद भी फांसी पर झूल गई.
घटना जयपुर के सोडाला थाना इलाके के फुटलिया बाग की है. महिला रोजाना पानी भरने के लिए पड़ोस में जाया करती थी, एक दिन महिला शाम तक पानी भरने नहीं पहुंची तो उन्हें शक हुआ. दरवाजा नहीं खुला तो पुलिस को बुलाया. तब जाकर हकीकत सामने आई.
मृतका की पहचान 37 वर्षीय कान्या साहू के रूप में हुई है. जबकि बच्चे रोहित (12) और पवन (8) साल के थे. मृतका का पति ऑटो चालक हैं. लेकिन कई दिन से ऑटो ख़राब पड़ा था.
घटना के दौरान पति महावीर प्रसाद ऑटो ठीक कराने गए हुए थे. पड़ोसी ने दरवाजा बजाया तो गेट नहीं खुला. महावीर को फोन किया तो उसने बताया कि बच्चे और पत्नी कमरे में ही हैं.
दरवाजा न खुलने पर पड़ोसी ने पुलिस को इन्फॉर्म किया. जब पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो कान्या को पंखे पर झूलता हुआ पाया, जबकि दोनों बच्चे विस्तर पर मृत अवस्था में पड़े हुए थे.
पुलिस ने बताया कि एक फंदा टूटा हुआ था, यानी फंदा टूटने के बाद महिला ने दोबारा फंदा लगाकर जान दी. जबकि बच्चों का गला रज़ाई से घोंटा. पुलिस का कहना है कि पवन और रोहित मानसिक विक्षिप्त थे, जन्म से ही दोनों बच्चों की दवाई चल रही थी. ऐसे में पैसे की तंगी की वजह से गृह क्लेश भी होता था.