Advertisement

राजस्थान: सियासी मोहरा था आनंदपाल, अब वसुंधरा के लिए मुसीबत?

राजस्थान विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही दिन बचे हैं. नागौर में कुख्यात बदमाश आनंदपाल सिंह के घरवालों ने भी बीजेपी के खिलाफ प्रचार शुरू कर दिया है.

आनंदपाल आनंदपाल
मोहित पारीक
  • नई दिल्ली,
  • 04 दिसंबर 2018,
  • अपडेटेड 4:37 PM IST

राजस्थान में चुनाव नजदीक आने के साथ ही पिछले साल जून में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए कुख्यात बदमाश आनंदपाल सिंह की भी चुनावी रण में एंट्री हो गई है. दरअसल अब आनंदपाल की मां निर्मल कंवर और बेटी योगिता बीजेपी के खिलाफ प्रचार कर रही हैं और कांग्रेस का साथ दे रही हैं. बता दें कि आनंदपाल सिंह के मामले को लेकर राजपूत समाज की बीजेपी से खास नाराजगी रही है.

Advertisement

आनंदपाल के एनकाउंटर का विरोध कर रहा रावणा राजपूत समाज सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है. पहले खबरें आ रही थीं कि आनंदपाल की मां निर्मल कंवर नागौर के डीडवाना या लाडनूं से चुनाव मैदान में उतर सकती हैं. कई राजपूत संगठनों का आरोप रहा है कि सरकार चाहती तो आनंदपाल जिंदा पकड़ा जा सकता था, लेकिन ऐसा होने की स्थिति में कई बड़े चेहरों के कच्चे चिठ्ठे खुलने का डर था इसलिए उसे मरवा दिया गया.

असल में आनंदपाल का एनकाउंटर अब वसुंधरा सरकार के लिए मुसीबत बन गया है. इस एनकाउंटर की वजह से ही रावणा राजपूत समाज पहले ही सरकार से नाराज चल रहा है. लोकसभा के उपचुनावों में भी हुई बीजेपी की हार में राजपूत समाज की अहम भूमिका मानी जा रही थी, क्योंकि अजमेर लोकसभा क्षेत्र में रावणा राजपूत 65 हजार की संख्या में हैं. वहीं कांग्रेस ने रावणा राजपूत के वोट हासिल करने के लिए पहली ही सूची में 2 रावणा राजपूत के नाम शामिल कर दिए थे.

Advertisement

राजस्थान: BJP-कांग्रेस से नहीं थीं पहली महिला MLA, ऐसे जीता था चुनाव

राजस्थान में राजपूत एक प्रभावशाली जाति रही है और प्रदेश की आबादी का 10-12 फीसदी हिस्सा राजपूतों का ही है. वहीं आंनदपाल के जिले नागौर में कुल 10 विधानसभा सीट हैं, जिसमें करीब 7 सीटों पर राजपूत मतदाता निर्णायक साबित होता है. अब यहां के रावणा राजपूत समुदाय के लोग भी बीजेपी का विरोध कर रहे हैं, जिनका कहना है, 'हम एक साथ बीजेपी के खिलाफ लड़ रहे हैं. चाहे राजपूत हो गया रावणा राजपूत, हम एक साथ बीजेपी को हराने के लिए काम कर रहे हैं. हमें लग रहा है कि बीजेपी राजपूतों के खिलाफ है.' हालांकि अब आनंदपाल का मामला सीबीआई के हाथ में है.

क्या है आनंदपाल की कहानी?

प्रदेश के शेखावाटी और मारवाड़ में आजादी के बाद जाट कांग्रेस के समर्थक बन गए थे और राजपूत कांग्रेस के खिलाफ बोलने लगे थे. वहीं जाटों ने राजनीति में अपने पांव पसार लिए थे और प्रदेश में राजनीति में अहम स्थान रखने लगे. कुछ सालों बाद जाटों की दबंगई खत्म करने और राजपूतों में अपना प्रभाव जमाने की कोशिश हुई. उस दौरान राजपूतों में आनंदपाल सिंह अपराधी के रूप में उभरा और आनंदपाल सिंह ने दिनदहाड़े जाट नेता जीवनराम गोदारा की हत्या कर दी.

Advertisement

'वंश' दिलाएगा वोट, राजस्थान में बेटा-बेटी के सहारे हैं बीजेपी-कांग्रेस

आनंदपाल की गुंडई ने जातीय रूप ले लिया था और सारा मामला राजपूत बनाम जाट में तब्दील हो गया था. आनंदपाल सिंह पढ़ने लिखने में ठीक था और उसने बीएड किया. आनंदपाल को बीजेपी नेताओं का आनंदपाल सिंह को राजनीतिक संरक्षण भी मिला. उसके बाद भी आनंदपाल ने अपनी गुंडागर्दी खत्म नहीं की और अपनी गुंडई के दम पर आगे बढ़ता गया.

हालांकि आनंदपाल सिंह राजनीति में जाना चाहता था और साल 2000 में जिला पंचायत का चुनाव जीता. उसके बाद प्रधान के चुनाव में निर्दलीय चुनाव लड़ा और 2 वोट से हार गया. उसके बाद वह राजनीति में भी अन्य नेताओं की नजर में आ गया. धीरे-धीरे आनंदपाल सिंह के गैंग ने शेखावाटी और मारवाड़ के बड़े हिस्से में शराब तस्करी और जमीन के अवैध कब्जे में अपनी धाक जमा ली. उस पर 5 लाख का इनाम भी घोषित किया गया था. उसके खिलाफ कई 20 से अधिक मामले दर्ज थे.

वहीं आनंदपाल का सियासी मोहरे के रुप में भी इस्तेमाल किया गया है. साल 2013 के चुनाव विधानसभा चुनाव में आनंदपाल सिंह ने खुल कर यूनुस खान को चुनाव जिताने में मदद की. आनंदपाल की बदौलत राजस्थान सरकार में मंत्री रहे यूनुस खान ने वसुंधरा राजे के विरोधी नेताओं पर भी नियंत्रण पा लिया था. कई नेताओं ने आरोप लगाया है कि यूनुस खान जेल में बंद आनंदपाल से मिलने भी जाते थे. हालांकि बाद में आनंदपाल और नेताओं के रिश्तों में दरार आने लगी थी.

Advertisement

राजपूतों को आरोप रहा है कि बीजेपी के कुछ नेता भी चाहते थे कि आनंदपाल सिंह सरेंडर कर दे, लेकिन कुछ बीजेपी नेता इसके विरोध में थे. आनंदपाल के एनकाउंटर के बाद राजस्थान में राजपूत जाति ने उसे जातीय अस्मिता से जोड़ लिया है और अब राजपूत सरकार के विरोध में खुलकर सामने आ गए हैं.

'To get latest update about Rajasthan elections SMS RJ to 52424 from your mobile . Standard  SMS Charges Applicable.'

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement