
राजस्थान के अजमेर और अलवर लोकसभा सीट के साथ-साथ मांडलगढ़ विधानसभा सीट के साथ-साथ पश्चिम बंगाल की उलुबेरिया लोकसभा और नवपाड़ा विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए सोमवार को मतदान हुआ.
अलवर लोकसभा सीट पर 63 फीसदी मतदान हुआ. जबकि अजमेर लोकसभा सीट पर 64 फीसदी वोटिंग हुई. वहीं मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर 62 फीसदी मतदान हुआ. इसके अलावा पश्चिम बंगाल की उलुबेरिया सीट पर 76.7 और नवपाड़ा में 75.3 फीसदी मतदान हुआ है.
राजस्थान में हो रहे इन उपचुनावों को इसी साल होने जा रहे विधानसभा उपचुनाव का सेमीफाइनल बताया जा रहा है. बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही दल उपचुनाव में जीत दर्ज कर चुनावी तैयारियों को रफ्तार देने की उम्मीद लगाए हुए हैं. वहीं पश्चिम बंगाल की दो विधानसभा सीटों पर भी उपचुनाव हो रहा है, जहां टीएमसी, कांग्रेस, माकपा सहित बीजेपी पूरी ताकत लगा रखी है.
बीजेपी-कांग्रेस में सीधा मुकाबला
अलवर लोकसभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार डॉ. करण सिंह यादव और बीजेपी के डा. जसवंत यादव, तो वहीं अजमेर लोकसभा सीट पर कांग्रेस के डॉ. रघु शर्मा और बीजेपी के रामस्वरूप और मांडलगढ़ विधानसभा सीट से बीजेपी के शक्ति सिंह और कांग्रेस के विवेक धाकड़ के बीच सीधा मुकाबला है.
बीजेपी नेता ने भूपेंद्र यादव ने अजमेर लोकसभा सीट के कुंदन नगर के पोलिंग बूथ पर मतदान किया. यादव पोलिंग बूथ पर पहंचे और आम लोगों की तरह लाइन में लगकर उन्होंने अपने मताधिकार का प्रयोग किया.
बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री और अजमेर से बीजेपी सांसद सांवरलाल जाट, अलवर से बीजेपी सांसद चांद नाथ योगी और मांडलगढ़ से बीजेपी विधायक कीर्ति कुमारी के असामयिक निधन के कारण तीनों सीटों के लिए उपचुनाव हो रहे हैं.
अजमेर लोकसभा
अजमेर सीट पर कांग्रेस ने इस सीट पर अपने पुराने दिग्गज पूर्व विधायक रघु शर्मा को उतारा है तो बीजेपी ने सांवरलाल जाट के बेटे रामस्वरूप लांबा को उम्मीदवार बनाया है.उपचुनाव में बीजेपी की साख दांव पर है. सीएम वसुधंरा राजे अजमेर सीट जीतने के लिए हरसंभव कोशिश में जुटी हैं. बीजेपी बखूबी समझती है कि अजमेर में पार्टी की हार होती है, तो आने वाले विधानसभा चुनाव में उसकी मुश्किलें और भी बढ़ जाएगी. बीजेपी अजेमर सीट से किसी भी तरह ऐसा संदेश नहीं देना चाहती है कि राज्य में बीजेपी की स्थिति किसी भी सूरत में कमजोर है.
अलवर लोकसभा सीट
अलवर से बीजेपी सांसद चांद नाथ योगी के निधन के चलते सीट उपचुनाव हो रहा है. कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने अलवर लोकसभा क्षेत्र में मतदान किया. वो 2009 में अलवर सीट से सांसद चुने गए थे.
कांग्रेस ने उम्मीदवार डॉ. करण सिंह यादव और बीजेपी के डा. जसवंत यादव को मैदान में उतारा है. निर्वाचन आयोग के मुताबिक अलवर में 11 उम्मीदवार मैदान में हैं.18.27 लाख मतदाता इनके भाग्य का फैसला करेंगे.
मंजलगढ़ विधानसभा
मंडलगढ़ विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक रही कार्ति कुमारी की असामयिक निधन के चलते उपचुनाव हो रहा है. मंडलगढ़ विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक रही कार्ति कुमारी की असामयिक निधन के चलते उपचुनाव हो रहा है. बीजेपी के शक्ति सिंह और कांग्रेस के विवेक धाकड़ को मैदान में उतारा है.
पश्चिम बंगाल की दो सीटों पर मतदान
पश्चिम बंगाल के उलुबेरिया लोकसभा और नवपाड़ा विधानसभा सीट पर मतदान हो रहा है. पश्चिम बंगाल विधानसभा सीट और उलुबेरिया लोकसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में पहले चार घंटों में 30 से 32 फीसदी के करीब मतदान हुआ. हालांकि, विपक्षी वाम मोर्चा ने राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर नोआपारा के 100 से ज्यादा मतदान केंद्रों पर कब्जा करने का आरोप लगाया.
निर्वाचन आयोग के अधिकारी ने कहा, 'पूर्वान्ह 11 बजे तक 30-32 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया.' लुबेरिया सीट पर नौ उम्मीदवार मैदान में हैं. यह सीट तृणमूल के सांसद सुल्तान अहमद के निधन के बाद खाली हुई थी. तृणमूल ने इस सीट पर अहमद की विधवा सजदा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि वाम मोर्चा से मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सबिरुद्दीन मोला उम्मीदवार हैं. बीजेपी ने अनुपम मल्लिक लड़ रहे हैं और कांग्रेस की तरफ से मदस्सर हुसैन वारसी उम्मीदवार हैं.
नोआपारा सीट पर चार उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. यह सीट कांग्रेस विधायक मधुसूदन घोष के निधन से रिक्त हुई है. यहां से कांग्रेस के उम्मीदवार गौतम बोस, तृणमूल से सुनील सिंह, माकपा से गार्गी चटर्जी मैदान में हैं, बीजेपी ने संदीप बनर्जी को उम्मीदवार बनाया है. माकपा ने निर्वाचन आयोग से शिकायत की है कि तृणमूल के अराजक तत्वों ने उनके पोलिंग एजेंटों के साथ हाथापाई की और 115 मतदान केंद्रों पर कब्जा कर लिया। लेकिन तृणमूल ने इन आरोपों से इनकार किया है।
West Bengal: Voting for #Uluberia Lok Sabha seat by-poll has commenced (Earlier visuals) pic.twitter.com/uLwgyAAg1p
राज्य की दोनों ही सीटों पर सत्तारूढ़ टीएमसी और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर होने की संभावना है. वहीं माकपा अपने पुराने गढ़ को हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहा है.