
राजस्थान में कांग्रेस का झगड़ा तो खत्म होता दिख रहा है. मगर कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच प्रदेश में एक अजीबोगरीब नजारा दिख रहा है. 34 दिन की बाड़ेबंदी में रहने के बाद गहलोत गुट और पायलट समर्थक विधायक-मंत्री अपने-अपने इलाकों में जा रहे हैं तो जोरदार जश्न मनाया जा रहा है.
इस बीच, विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेने वाले बीजेपी के विधायक फलौदी के पब्बाराम विश्नोई कोरोना संक्रमित मिले हैं. विधानसभा में बीजेपी के विधायक पब्बाराम विश्नोई विश्वास मत के दौरान दिनभर मौजूद थे और विधायकों से मिल रहे थे. इसके बावजूद विधायक और मंत्री विधानसभा से निकल अपने क्षेत्र में रैलियां कर रहे हैं.
गहलोत और पायलट समर्थक विधायक 34 दिनों तक फाइव स्टार होटल में रहने के बाद लोगों को यह समझा रहे हैं कि वह क्यों इतने दिनों तक उनसे दूर थे और क्या मैदान जीत कर आए हैं.
महिला एवं बाल विकास मंत्री ममता भूपेश ने तो दौसा के गीजगढ़ में कोरोना गाइडलाइन की सारी धज्जियां उड़ाते हुए रैली ही कर डाली. ममता भूपेश ने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए और बीजेपी को हराने के लिए वह जनता से 1 महीने से दूर थीं. मगर अब हमारे साथ सचिन पायलट आ गए हैं और घर में कुछ मनमुटाव था वह दूर हो गया है. इसलिए सब कुछ ठीक है. ममता भूपेश के यहां गुर्जर वोट बहुत ज्यादा है. इसलिए यह भी कहा कि जयपुर से आ रही थीं तो लोगों ने फोन किया कि आना मत, लोग नाराज होंगे. लेकिन मैंने कहा कि अपने लोगों के बीच जा रही हूं.
दूसरी तरफ सचिन पायलट के साथ हरियाणा के मानेसर होटल में 34 दिन तक बंद रहने वाले वल्लभ नगर के विधायक गजेंद्र सिंह शक्तावत का भी जोरदार स्वागत किया गया. वह भीड़ देखकर इतना मुक्त हो गए कि कोरोना का ख्याल ही नहीं रहा और मास्क उतार कर जनता को समझाने लगे कि प्रियंका गांधी ने हमारी सारी मांगे मान ली हैं. हम आत्मसम्मान की लड़ाई के लिए मानेसर गए थे.
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पायलट गुट के ही विधायक मुरारी लाल मीणा का भी दौसा पहुंचने पर जोरदार स्वागत हुआ. मुरारी लाल मीणा ने कहा कि हम अपनी बात आलाकमान तक पहुंचाने गए थे. हमारी सारी बातें मान ली गई हैं, और अब सब कुछ ठीक है. मगर यह भी कहा कि सम्मान की लड़ाई आगे जारी रहेगी.
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गहलोत सरकार को समर्थन दे रहे भारतीय ट्राइबल पार्टी के दो विधायक राजकुमार रोत और राम प्रकाश जी डिंडोर अपने विधानसभा क्षेत्र डूंगरपुर के सागवाड़ा पहुंचे तो वहां ढोल नगाड़े और पटाखे के साथ स्वागत में जुलूस निकाला गया. राम प्रसाद ने कहा कि मुख्यमंत्री हमें बुलबुला समझ रहे थे. मगर हम जैसे बुलबुले ने पानी में ऑक्सीजन डाल कर उनको बचा लिया. वहीं राजकुमार रोत ने कहा कि महाराणा प्रताप के साथ पूंजा भील ने लड़ाई लड़ी थी, उसी तरह हम भी लोकतंत्र बचा कर आए हैं.
पायलट के साथ जाने की वजह से बर्खास्त हुए पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह भरतपुर पहुंचे तो वहां उनका जोरदार स्वागत हुआ. उनके स्वागत में कांग्रेसी कार्यकर्ता तो नहीं आए. मगर विश्वेंद्र सिंह के अपने समर्थक काफी हैं जो जबरदस्त नारेबाजी करते हुए उन्हें राजमहल तक ले गए. भरतपुर के पूर्व महाराजा विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि जो कुछ कहना था हम अपने आलाकमान से कह कर आए हैं. आज मैं अपने घर जनता से मिलने आया हूं. विश्वेंद्र सिंह कोरोना की जांच कराकर वहां गए थे मगर उसके बावजूद किसी तरह की सावधानी नहीं बरती. लोग जुलूस लेकर निकल रहे थे जबकि भरतपुर कोरोना सेंटर पहले भी रह चुका है.
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पायलट की जगह प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए गोविंद सिंह डोटासरा का तो जयपुर से लेकर सीकर तक स्वागत ही चलता रहा. चोमू, पलसाना, रानोली, सीकर हर जगह स्वागत कार्यक्रम हुआ. प्रदेश अध्यक्ष बनने की खुशी में भूल गए कि प्रदेश में कोरोना का कहर टूटा पड़ा है और राजस्थान सरकार ने खुद गाइडलाइन जारी की है. कोरोना से बेफिक्र शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि हमारे जैसे कार्यकर्ता को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर आलाकमान ने बड़ा काम किया है.
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि इस बात के लिए इन्हें जनता से माफी मांगनी चाहिए. इससे ज्यादा शर्मनाक और क्या हो सकता है कि आपस में लड़ाई कर के 34 दिनों तक होटल में रहे और अब जश्न मना रहे हैं.