
राजस्थान और उत्तर प्रदेश की पुलिस के बीच एक महिला की मौत के बाद पोस्टमार्टम कराने को लेकर करीब 36 घंटे तक खींचतान चलती रही. आखिरकार उत्तर प्रदेश पुलिस को ही पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ी, जिसके बाद शव परिजनों को सौंपा गया और जांच शुरू की गई है.
दो राज्यों की पुलिस के बीच खींचातानी उस समय शुरू हुई, जब मथुरा जिले के माठ गांव निवासी गर्भवती महिला पूजा की हालत खराब हो गई, इसलिए उसके परिजन उसे लेकर भरतपुर के एक निजी अस्पताल आ गए, जहां से उसे भरतपुर के जिला आरबीएम अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
मौत के बाद मृतका के भाई ओमप्रकाश ने ससुराल वालों के खिलाफ इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन उसकी शिकायत ना तो भरतपुर पुलिस ने दर्ज की और ना ही मथुरा पुलिस ने. दोनों ही राज्यों की पुलिस एक दूसरे का क्षेत्राधिकार कहकर पल्ला झाड़ती रही.
36 घंटे की खींचतान के बाद आखिरकार मथुरा पुलिस, भरतपुर के आरबीएम अस्पताल की मोर्चरी पर पहुंची, जहां भरतपुर पुलिस के अधिकारी भी थे और उसके बाद मथुरा पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और शिकायत दर्ज कर जांच भी शुरू कर दी है.
दरअसल पूजा नाम की एक महिला की शादी उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के मंगोर्रा थाने के गांव रसूलपुर में हुई थी. वह गर्भवती थी और खून की कमी की शिकायत थी. मथुरा से लाकर पूजा के ससुराली वालों ने उसे भरतपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन हालात ज्यादा गंभीर होने के कारण पूजा को जिला अस्पताल रेफर कर दिया.
भरतपुर शहर के पुलिस वृत्ताधिकारी सतीश वर्मा ने बताया कि मृतका पूजा उत्तरप्रदेश के रसूलपुर की निवासी थी, जिसकी भरतपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई थी. ये घटना उत्तर प्रदेश के थाना मंगोर्रा से संबंधित थी, इसलिए यूपी पुलिस को आने में देर लगी. फिलहाल उत्तर प्रदेश और राजस्थान पुलिस की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम करवा दिया गया है.