
कर्नाटक का झगड़ा मंगलवार को बैंगलोर से दिल्ली पहुंच रहा है. कर्नाटक के 121 बीजेपी विधायक 17 मई, मंगलवार को राष्ट्रपति से मिलेंगे और येदियुरप्पा सरकार का बहुमत साबित करेंगे.
इस बीच बीजेपी ने पीएम से मिलकर जता दिया कि अगर राज्यपाल की सिफारिश मानी गई, तो लड़ाई आर-पार की होगी. वेंकैया नायडू ने कहा कि हंसराज भारद्वाज ने जबसे राज्यपाल की कुर्सी संभाली है, वे कांग्रेस पार्टी के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं.
कर्नाटक का सियासी नाटक सोमवार को दिल्ली कूच करने से पहले इसी तेवर में था. बीजेपी विधायक मंगलवार शाम राष्ट्रपति के सामने परेड करेंगे. इसके पहले एनडीए ने बैठक की और राज्यपाल पर गंभीर आरोप लगाए.
अरुण जेटली ने कहा कि येदियुरप्पा के पास 97 के मुकाबले 121 विधायकों की ताकत है, फिर भी राज्यपाल मनमानी कर रहे हैं. प्रधानमंत्री से मिलकर एनडीए के नेताओं ने दो मांगें रखीं. पहली, राष्ट्रपति शासन की सिफारिश खारिज की जाए. दूसरी, कर्नाटक के राज्यपाल को वापस बुलाया जाए. उधर प्रधानमंत्री से आश्वासन मिला कि कुछ भी गलत नहीं होगा. बहरहाल, पूरे विवाद से सियासी पारा और ऊपर चढ़ता जा रहा है.