
मणिपुर में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. यहां कांग्रेस के छह विधायकों ने एक साथ इस्तीफा दे दिया है. मणिपुर विधानसभा में बहुमत परीक्षण कराया गया था. बहुमत परीक्षण भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पक्ष में गया. मणिपुर में फिलहाल एन वीरेन सिंह की अगुआई में बीजेपी की सरकार है. बहुमत परीक्षण के तुरंत बाद कांग्रेस विधायकों ने इस्तीफे का ऐलान कर दिया.
जिन छह विधायकों ने इस्तीफे दिए हैं उनमें मोहम्मद नासिर, ओकराम हेनरी, नामथांग होकिप, पूनम ब्रोजेन, ओनाम लुखोई और गिनसुनहाव के नाम शामिल हैं. नासिर लिलोंग सीट से, हेनरी वांगखेई सीट से, होकिप टेंगोनॉपाल सीट से, ब्रोजेन बांगजिंग से, लुखोई वांगोई सीट से और गिनसुनहाव सिंगट सीट से विधायक हैं. इस्तीफे का कारण बताते हुए नासिर ने कहा, ओ. इबोबी सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस में 28 विधायक थे. उन्होंने सरकार भी बनाई थी. हाल के राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को हार मिली. ऐसी स्थिति में भी इबोबी सिंह सत्ता और नेतृत्व की चाह रखे हुए हैं. महामारी के इस काल में भी अविश्वास प्रस्ताव के बारे में सोचा जा रहा है. हम उनके नेतृत्व में अस्तित्व नहीं बचा पाएंगे, इसलिए इस्तीफा दे दिया.
दूसरी ओर, ओ.लुखोई ने कहा, हमें लोगों की कई शिकायतें सुनने को मिल रही थीं. कोरोना महामारी में भी कांग्रेस नेताओं को कुर्सी की पड़ी है. हम लोगों की कड़वी बातें नहीं सुन सकते. इसलिए हमने इस्तीफा दे दिया. उधर बहुमत परीक्षण में हारने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष इबोबी सिंह ने कहा कि जिस तरीके से विधानसभा चलाई जा रही है, वह पूरी तरह से लोकतंत्र की हत्या है.
इबोबी सिंह ने कहा, जिस प्रकार से काम हो रहा है.....स्पीकर का काम आदि ये सब लोकतंत्र की हत्या है. हमें पता है कि सत्तारूढ़ दल के पास बहुमत का आंकड़ा नहीं है. ऐसे में यह हमारा अधिकार बनता है. हम सभी विपक्षी नेताओं के साथ एक सुर में वोट डिविजन की मांग करते हैं. वे (सरकार) इसे स्वीकार नहीं कर रहे हैं. यह सीधा लोकतंत्र की हत्या है.