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काला धन पर बड़ा हमला, 15 हजार करोड़ रुपये की टैक्स चोरी पर सेबी की कार्रवाई

पूंजी बाजार से एक हजार इकाईयों को सेबी ने प्रतिबंधित कर दिया है. इन इकाइयों को 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की कर चोरी मामले में शेयर बाजार प्लेटफार्म का दुरुपयोग करते पाया गया. काला धन पर लगाम लगाने की दिशा में इसे बड़ा कदम माना जा रहा है.

सेबी ने 167 कंपनियों के शेयर बाजार से सस्पेंड कर दिया सेबी ने 167 कंपनियों के शेयर बाजार से सस्पेंड कर दिया
BHASHA/केशव कुमार
  • नई दिल्ली,
  • 13 मार्च 2016,
  • अपडेटेड 8:38 PM IST

शेयर बाजार नियामक संगठन (सेबी) ने टैक्स चोरी पर हमला बोलते हुए बड़ी कार्रवाई की है. उसने पूंजी बाजार से एक हजार इकाईयों को प्रतिबंधित कर दिया है. इन इकाइयों को 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की कर चोरी मामले में शेयर बाजार प्लेटफार्म का दुरुपयोग करते पाया गया. कालाधन पर लगाम लगाने की दिशा में इसे बड़ा कदम माना जा रहा है.

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आयकर विभाग को सेबी ने पत्र लिखा
इसके साथ ही सेबी ने 167 कंपनियों के शेयरों में कारोबार को सस्पेंड कर दिया है. इसके अलावा करीब 100 मामलों के बारे में आयकर विभाग को पत्र लिखा. सेबी को 1,800 से अधिक इकाइयों पर उनकी घोषित आय से अधिक मूल्य के शेयरों में कारोबार का संदेह है.

टैक्स चोरी के दूसरे तरीकों पर हमला
इस प्रकार की गतिविधियां को ज्यादातर मुखौटा कंपनियों के शेयरों में या फिर कम कारोबार वाले छोटी कंपनियों के शेयरों के जरिए अंजाम दिया जा रहा है. ऐसे कोई उदाहरण नहीं है कि प्रमुख कंपनियों के शेयरों का इस्तेमाल फर्जी नफा या नुकसान के लिए किया गया हो, ताकि कर चोरी की जा सके.

नहीं चल पाएंगे चोरी के नए तरीके
वरिष्ठ अधिकारियों ने यह भी कहा कि सेबी अपने निगरानी उपायों और प्रवर्तन संबंधी कामों के जरिए गड़बड़ी और धोखाधड़ी करने वालों के बीच कुछ हद तक डर पैदा करने में सफल रहा है. इसीलिए शेयर बाजार प्लेटफार्म के जरिए कर चोरी का यह तरीका भी जल्दी ही उनके लिए उपयोगी नहीं रह जाएगा.

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बख्शे नहीं जाएंगे गलत इस्तेमाल करने वाले
सेबी के पूर्णकालिक सदस्य राजीव कुमार अग्रवाल ने कहा, ‘सेबी ने अपने प्रवर्तन संबंधी कार्यों से दिखाया है कि कोई भी अगर कर चोरी के लिए शेयर बाजार प्लेटफार्म का दुरुपयोग करता है, उसे बख्शा नहीं जाएगा. सूत्रों ने कहा कि सेबी ने 11 शेयरों से जुड़े सभी मामलों को आयकर विभाग को भेजा है, जहां नियामक ने 1,013 इकाइयों के खिलाफ अंतरिम आदेश जारी किया है.

घोषित आय सीमा से अधिक कारोबार का शक
इसके अलावा सेबी ने आयकर विभाग को 1,854 इकाइयों के विस्तृत ब्योरे के साथ पत्र लिखा है. इन इकाइयों ने करीब 3,900 करोड़ रुपये के कारोबार मूल्य से जुड़े तरजीही आवंटन वालों को बाहर निकलने का मौका दिया. इन इकाइयों पर संदेह है कि उन्होंने अपनी घोषित आय सीमा से अधिक का कारोबार किया.

बीएसई ने भी की बड़ी कोशिश
बंबई शेयर बाजार ने भी कम पूंजीकरण वाले शेयरों के मूल्य में असामान्य उतार-चढ़ाव पर अंकुश लगाने के लिए एहतियाती उपाय के तहत उसके प्लेटफार्म पर विशेष रूप से सूचीबद्ध शेयरों के लिए साप्ताहिक, मासिक, तिमाही और सालाना कीमत दायरा पेश किया है. शेयर बाजार में कारोबार से जुड़े ऐसे मामलों का मकसद दीर्घकालीन पूंजी लाभ कर (एलटीसीजी) से बचना और आय को वैध रूप से शेयर बाजार से दिखाना है.

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15 हजार करोड़ रुपये से अधिक एलटीसीजी
इसके अलावा, फर्जी नुकसान भी शेयर बाजार सौदों के जरिये दिखा जाता है ताकि पूंजी लाभ के प्रभाव को कम करने के लिए इसे दिखाया जाए. अधिकारियों के अनुसार, ‘कुल मिलाकर ऐसे कंपनियों के मामले में जहां सेबी ने शेयर बाजार से प्रतिबंधित करने को लेकर आदेश जारी किए और कारोबार सस्पेंड किए गए, एलटीसीजी की राशि 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक है.

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