
गुजरात चुनाव के इतर राम मंदिर मुद्दा एक बार फिर देश की सियासत को गरमा रहा है. नेताओं की बयानबाजी भी लगातार जारी है. बीजेपी नेता जीवीएल नरसिम्हा राव ने बुधवार सुबह कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला और उन्हें 'बाबर भक्त-खिलजी का रिश्तेदार' बता डाला. नरसिम्हा से आगे बढ़ते हुए बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने राहुल को खिलजी की औलाद बताया.
कपिल सिब्बल के बयान पर साक्षी महाराज ने कहा कि विवादित ढांचा गिरे एक लंबा समय हो गया. अब इसमें देर करने की आवश्यकता नहीं है. सुप्रीम कोर्ट निर्णय जल्द आए. अगर इसमें विलंब होता है तो हिंदुस्तान की जनता इसको बर्दाश्त नहीं कर पाएगी. जहां तक कपिल सिब्बल का प्रश्न है, समझ में नहीं आता कि कांग्रेस अपना स्टैंड फाइनल क्यों नहीं करती. साक्षी महाराज ने कहा कि गुजरात में चुनाव है तो राहुल गांधी मंदिर- मंदिर घूम रहे हैं और जय श्री राम कर रहे हैं, जनेऊ दिखा रहे हैं. वहीं कपिल सिब्बल यहां पर राम मंदिर का विरोध कर रहे हैं. कांग्रेस और राहुल गांधी पहले यह तय करें कि वह मंदिर के विरोध में हैं या मंदिर के पक्ष में है.
साक्षी महाराज ने कहा कि जहां तक मंदिर का प्रश्न है, वहां पर ताला खुला कांग्रेस शासन में, मूर्तियां रखी गई कांग्रेस शासन में और इसी राहुल के पिता राजीव गांधी ने शिलान्यास करवाया था. बेटे का काम होता है जो बाप ने काम अधूरा छोड़ा उसको पूरा करें. यह राजीव गांधी की औलाद नहीं, लगता है खिलजी की औलाद है. लगता है अपने बाप का विरोध कर रहा है. राजीव गांधी मर गए, लेकिन अगर वह जिंदा होते तो उसके लिए पहल करते. राहुल को अपने पिता के पदचिन्हों पर चलना चाहिए.
राम मंदिर कब बनेगा इस पर साक्षी महाराज का कहना है कि मुझे लगता है कि मामला कोर्ट में है. कोर्ट जल्दी से निर्णय देगा. अगर 2019 के चुनाव में जाने से पहले राम मंदिर का निर्माण शुरू नहीं हुआ तो राम के साथ अन्याय होगा, हिंदू समाज और देश के साथ अन्याय होगा.
जीवीएल ने ट्वीट किया, ''अयोध्या में राम मंदिर का विरोध करने के लिए राहुल गांधी ने ओवैसिस, जिलानिस से हाथ मिला लिया है. राहुल गांधी निश्चित रूप से एक "बाबर भक्त" और "खिलजी के रिश्तेदार" हैं. बाबर ने राम मंदिर को नष्ट कर दिया और खिलजी ने सोमनाथ को लूट लिया. नेहरू वंश दोनों इस्लामी आक्रमणकारियों के पक्ष में.''
वृंदा करात ने जीवीएल के ट्वीट 'अयोध्या में राम मंदिर का विरोध करने के लिए राहुल गांधी ने ओवैसिस, जिलानिस से हाथ मिला लिया है.'' पर जवाब दिया. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को ये देखना चाहिए कि किस प्रकार की भाषा इस्तेमाल की जा रही है. जो सीधे-सीधे सांप्रदायिक है और सीधा-सीधा समाज में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करने के लिए किया जा रहा है. निश्चित रूप में इलेक्शन कमीशन को देखना चाहिए क्योंकि बोलने वाले बीजेपी के आधिकारिक प्रवक्ता हैं. अगर इस को राजनीतिक रुप में देखे तो इसका अर्थ ये है कि बीजेपी गुजरात में हार मान चुकी है. अपने भाषणों में प्रधानमंत्री से लेकर बीजेपी के नेता बौखलाए हुए हैं. वृंदा करात ने सवाल उठाया कि गुजरात के अंदर विकास कहां है? वह सही बात है कि विकास को चौपट हो गया.विकास तो भाग गया, इसलिए आज सांप्रदायिक मुद्दे को लेकर ही बीजेपी खड़ी है.
साक्षी महाराज बोले- खिलजी की औलाद लगते हैं राहुल
बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने भी राहुल पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी खिलजी की औलाद लगते हैं, एक तरफ वो मंदिर-मंदिर घूम रहे हैं वहीं उनकी पार्टी के कपिल सिब्बल सुप्रीम कोर्ट में मंदिर का विरोध कर रहे हैं. अगर मंदिर 2019 से पहले नहीं बना तो देश के लोगों के साथ अन्याय होगा.
कांग्रेस का पलटवार
BJP नेता के ट्वीट पर कांग्रेस ने पलटवार किया है. कांग्रेस नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्वीट किया कि बीजेपी नेताओं के प्रवक्ता के बयान को देखें तो उनके लिए सबसे अच्छी जगह पागलखाना है. उन्हें अपने दिमाग का इलाज करवाना चाहिए, जल्द ठीक हों!.
इस मुद्दे पर मंगलवार को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने सीधे राहुल गांधी से सवाल दागा था. उन्होंने पूछा कि राम मंदिर को लेकर आपकी पार्टी और आपका क्या स्टैंड है? राम मंदिर के मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए अमित शाह ने कहा कि बीजेपी चाहती है कि जल्द से इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो और फैसला आए. जिससे अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बन सके, जो कि देश की आस्था से जुड़ा हुआ है.
मंदिर-मंदिर राहुल तो विरोध क्यों?
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि आखिरकार राम मंदिर मामले की सुनवाई रोकने से क्या हासिल होने वाला है. उन्होंने कहा कि राम मंदिर केस की सुनवाई को लेकर कांग्रेस पार्टी को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए. उन्होंने कहा कि एक तरफ राहुल गांधी गुजरात में मंदिर जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ राम जन्मभूमि केस पर सुनवाई को टालने के लिए कपिल सिब्बल का उपयोग किया जा रहा है. कांग्रेस पार्टी को अपना रूख स्पष्ट करना चाहिए.
क्या थी सिब्बल की दलील?
बता दें कि राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद की सुनवाई के दौरान सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से दलील देते हुए कपिल सिब्बल ने कहा कि कोर्ट को देश में गलत संदेश नहीं भेजना चाहिए, बल्कि एक बड़ी बेंच के साथ मामले की सुनवाई करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण बीजेपी के 2014 के घोषणापत्र में शामिल है, कोर्ट को बीजेपी के जाल में नहीं फंसना चाहिए.