Advertisement

CAB के विरोध में IPS ने दिया इस्तीफा, कुछ महीने पहले मांगा था VRS

सूत्रों के मुताबिक आईपीएस अब्दुर रहमान के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है और वो पहले ही वीआरएस के लिए आवेदन कर चुके हैं. अब्दुर रहमान ने अपने नए आवेदन में वीआरएस के लिए निजी कारणों का हवाला दिया है.

आईपीएस अब्दुर रहमान (फोटो- टि्वटर) आईपीएस अब्दुर रहमान (फोटो- टि्वटर)
दिव्येश सिंह
  • मुंबई,
  • 12 दिसंबर 2019,
  • अपडेटेड 9:15 AM IST

  • 10 अगस्त 2019 को ही वीआरएस के लिए किया था आवेदन
  • रहमान को वीआरएस देने से गृह मंत्रालय कर चुका है इनकार
  • रहमान ने वीआरएस के लिए निजी कारण का दिया हवाला

आईपीसी ऑफिसर अब्दुर रहमान ने नागरिकता संशोधन बिल पास होने के विरोध में नौकरी से इस्तीफा दे दिया है. अब्दुर रहमान महाराष्ट्र मानवाधिकार आयोग में बतौर आईजीपी पोस्टेड थे. अब्दुर रहमान ने अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट किया, ‘नागरिकता संशोधन बिल संविधान के मूल ढांचा के खिलाफ है. मैं इस बिल की मुखालफत करता हूं. मैंने सविनय अवज्ञा में कल से ऑफिस नहीं जाने का फैसला किया है. आखिरकार मैं अपनी सेवा से इस्तीफा दे रहा हूं.’

Advertisement

अब्दुर रहमान ने अपने ट्वीट के साथ एक इस्तीफा भी पोस्ट किया है. इसमें उन्होंने वीआरएस की मांग की थी. इस इस्तीफे में उन्होंने लिखा, ‘मैंने वीआरएस के लिए एक अगस्त 2019 को आवेदन किया था. इसके बाद 25 अक्टूबर 2019 को राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को मेरे वीआरएस की सिफारिश भेजी थी, लेकिन गृह मंत्रालय ने स्वीकार नहीं किया.’

अब्दुर रहमान ने यह भी कहा, ‘मेरे खिलाफ कोई विभागीय जांच भी नहीं लंबित है. गृह मंत्रालय ने जल्दबाजी में मेरे वीआरएस के आवेदन को रद्द किया है.’ हालांकि सूत्रों का कहना है कि अब्दुर रहमान के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है और वो पहले भी वीआरएस के लिए आवेदन कर चुके हैं. अब्दुर रहमान ने अपने आवेदन में भी अंदर लिखा है कि वो निजी कारणों से इस्तीफा दे रहे हैं.

Advertisement

अब्दुर रहमान ने अपने ट्विटर हैंडल से एक और ट्वीट किया है. इस दूसरे ट्वीट में उन्होंने एक दूसरा लेटर पोस्ट किया है. इसमें उन्होंने कहा है कि नागरिकता संशोधन बिल भारत के धार्मिक बहुलवाद के खिलाफ है. लिहाजा मैं सभी न्यायप्रिय लोगों से इस बिल का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने की अपील करता हूं. यह बिल संविधान ने मूल ढांचे के खिलाफ है. यह संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 25 का उल्लंघन करता है.

वहीं, बुधवार को संसद से नागरिकता संशोधन विधेयक बिल पास हो गया. लोकसभा से पास होने के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल को पेश किया था. इसके बाद  इस बिल पर लंबी चर्चा हुई और बुधवार को ही राज्यसभा से बिल पास हो गया. अब यह बिल राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह विधेयक कानून बन जाएगा.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement