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बाइक टैक्सीज इस्तेमाल करते हैं तो जान लीजिए नया नियम, क्यों चलाने वाली कंपनी और राइडर पर लग सकता है 1 लाख तक का जुर्माना?

बीते कुछ समय में दिल्ली, मुंबई समेत कई मेट्रो शहरों में बाइक टैक्सी का चलन बढ़ा है. जिसमें प्राइवेट बाइक यानी सफ़ेद नंबर प्लेट वाली बाइक्स (टू व्हीलर) को ही कमर्शियल यूज़ में लाया जा रहा है. जिसको लेकर परिवहन विभाग पहले भी आपत्ति जता चुका है.

दिल्ली में बाइक टैक्सी पर सख्त परिवहन विभाग (सांकेतिक फोटो) दिल्ली में बाइक टैक्सी पर सख्त परिवहन विभाग (सांकेतिक फोटो)
aajtak.in
  • नयी दिल्ली,
  • 20 फरवरी 2023,
  • अपडेटेड 12:46 PM IST

देश की राजधानी दिल्ली में चलने वाली बाइक टैक्सी को लेकर परिवहन विभाग एक्शन की तैयारी में है. दिल्ली की सड़कों पर अब बाइक टैक्सी चलती दिखी तो चालक के अलावा ऐप कंपनी पर भी भारी भरकम जुर्माना लगाया जाएगा. इसको लेकर परिवहन विभाग ने एडवाइजरी जारी कर दी है.

जिसमें बिना रजिस्ट्रेशन दुपहिया वाहनों को बतौर टैक्सी इस्तेमाल करने को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है. परिवहन विभाग ने बाइक टैक्सियों को दिल्ली की सड़कों पर चलने के खिलाफ आगाह किया है. साथ ही चेतावनी दी है कि यह मोटर वाहन अधिनियम, 1988 का उल्लंघन है. जिसके चलते एग्रीगेटर्स पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा.

गौरतलब है कि बीते कुछ समय में दिल्ली, मुंबई समेत कई मेट्रो शहरों में बाइक टैक्सी को चलन बढ़ा है. जिसमें प्राइवेट बाइक यानी सफ़ेद नंबर प्लेट वाली बाइक्स (टू व्हीलर) को ही कमर्शियल यूज़ में लाया जा रहा है. जिसको लेकर परिवहन विभाग पहले भी आपत्ति जता चुका है. और साथ रोक लगाने को लेकर निर्देश भी दे चुका है. जिसके बाद अब इस पर सख्ती से पालन कराने की तैयारी है. जिसमें ऐसी सुविधा उपलब्ध कराने वाली एप्स और चालक दोनों पर कार्रवाई की जाएगी.   

बाइक चालक पर क्या होगी कार्रवाई?

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- कमर्शियल एक्टिविटी के लिए दोपहिया वाहनों का उपयोग करने पर मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत पहले अपराध पर 5,000 रुपये का जुर्माना हो सकता है. 
- जबकि दूसरे अपराध पर 10,000 रुपये का जुर्माना और एक साल तक की कैद हो सकती है. 
- ऐसी परिस्थितियों में चालक तीन महीने के लिए अपना लाइसेंस भी खो देगा.


सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में रैपिडो को राहत देने से किया था इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में बाइक टैक्सी एग्रीगेटर रैपिडो को महाराष्ट्र सरकार द्वारा लाइसेंस देने से इनकार करने के खिलाफ राहत देने से इनकार कर दिया था. कोर्ट ने माना था कि 2019 में मोटर वाहन अधिनियम में किए गए संशोधनों ने यह साफ कर दिया था कि एग्रीगेटर वैध लाइसेंस के बिना काम नहीं कर सकते. 

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मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला की पीठ ने मामले में सुनवाई करते हुए याचिका को खारिज कर दिया था. पीठ ने कहा था कि रोपेन ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (रैपिडो) राज्य सरकार की 19 जनवरी की उस अधिसूचना को चुनौती दे सकती है, जिसमें कार पूलिंग से 'गैर-परिवहन वाहन' के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई थी. 

इसमें कहा गया है कि आरटीओ के दिसंबर के आदेश की वैधता राज्य सरकार के बाद के व्यापक फैसले से समाहित हो जाएगी.


 

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