
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने आरक्षण पर दिए गए मोहन भागवत के बयान पर सफाई दी है. आरएसएस की इस सफाई के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने नरेंद्र मोदी सरकार पर तंज कसा है. प्रियंका गांधी ने कहा है कि आरएसएस का कहना है कि समाज के मुद्दों को बातचीत के जरिए सुलझाना चाहिए, तो क्या पीएम आरएसएस का सम्मान नहीं करते हैं या फिर कश्मीर में कोई मुद्दा ही नहीं है.
बता दें कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने एक कार्यक्रम में कहा था कि जो लोग आरक्षण के पक्ष में हैं और जो इसके खिलाफ हैं, उन्हें सौहार्दपूर्ण वातावरण में इस पर विमर्श करना चाहिए. भागवत के इस बयान पर जमकर हंगामा हुआ. कांग्रेस ने कहा कि बीजेपी ने हमेशा से ही संविधान को चुनौती देने की कोशिश की है और, अब वे आरक्षण पर चर्चा चाहते हैं.
बीएसपी प्रमुख मायावती ने भी इस मामले पर बीजेपी पर हमला किया. इसके बाद आरएसएस ने तुरंत इस मामले पर सफाई दी. संघ ने एक ट्वीट कर कहा कि मोहन भागवत के बयान पर अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है.
संघ ने सफाई देते हुए कहा कि समाज में सदभावना पूर्वक परस्पर बातचीत के आधार पर सभी प्रश्नों का समाधान किया जाना चाहिए. प्रियंका गांधी ने संघ के इसी बयान के आलोक में नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला किया. प्रियंका ने ट्वीट कर कहा कि आरएसएस कहती है कि 'समाज के मुद्दों' को सौहार्दपूर्ण वातावरण में सुलझाया जाना चाहिए? तो फिर या तो मोदी और उनकी सरकार अब संघ का सम्मान नहीं करती है या फिर वे ये यकीन ही नहीं करते हैं कि जम्मू-कश्मीर में कोई मुद्दा है.
रविवार को भी प्रियंका गांधी ने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को उठाया था. प्रियंका गांधी ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार करने का आधार क्या है? क्या मीडिया से बात करना कोई अपराध है? हमारे नेताओं की तरह ही पूर्व मुख्यमंत्रियों (उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती) को गिरफ्तार किए 15 दिन बीच चुके हैं जो भारत के संविधान का सम्मान करते हैं.' प्रियंका ने कहा कि यहां तक कि उनके परिवारों को भी उनके साथ बातचीत करने की अनुमति नहीं दी गई है. क्या मोदी-शाह सरकार का अब भी मानना है कि भारत में लोकतंत्र है?