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कोरोना संक्रमण: रमजान में रोजा-नमाज को लेकर राज्य सरकारों ने जारी की एडवाइजरी

देश भर में मुस्लिम समुदाय पहला रोजा शनिवार को रखेंगे. कोरोना संकट बीच मुस्लिम समुदाय को रोजा रखना और अपने-अपने घरों से ही नमाज पढ़नी होगी. देश के अल्पसंख्यक मंत्रालय से लेकर तमाम राज्यों सरकारों ने रमजान को लेकर निर्देश जारी किए हैं.

दिल्ली के जामा मस्जिद में रमजान के दौरान (फाइल फोटो) दिल्ली के जामा मस्जिद में रमजान के दौरान (फाइल फोटो)
कुबूल अहमद
  • नई दिल्ली,
  • 24 अप्रैल 2020,
  • अपडेटेड 7:49 PM IST

  • रमजान में मस्जिद में नमाज पर पूरी तरह रोक
  • मुस्लिम नमाज-रोजा अपने-अपने घरों में रह करें

कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के बीच इस बार मुसलमानों का पवित्र रमजान का महीना शुरू हो रहा है. देश भर में मुस्लिम समुदाय पहला रोजा शनिवार को रखेंगे. कोरोना संकट के बीच मुस्लिम समुदाय को रोजा रखना और अपने-अपने घरों से ही नमाज पढ़नी होगी. देश के अल्पसंख्यक मंत्रालय से लेकर तमाम राज्य सरकारों ने रमजान को लेकर निर्देश जारी किए हैं. इसके अलावा मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी मुसलमानों से अपील की है कि कोरोना की वजह से एहतियात बरतें और घर से नमाज-रोजा करें.

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रमजान को लेकर यूपी सरकार के निर्देश

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने रमजान को लेकर निर्देश जारी किए हैं. प्रशासन ने धर्मगुरुओं, मौलवियों व मौलानाओं से संवाद स्थापित कर यह तय किया है सहरी व इफ्तार के समय किसी भी प्रकार की भीड़ इकट्ठी नहीं होनी चाहिए. योगी ने लोगों से शहरी व इफ्तार घर पर ही करने की अपील की है, जिसका मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी मुख्यमंत्री की अपील का समर्थन किया है.

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मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने रमजान के दौरान कड़ी सुरक्षा-व्यवस्था के विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं. डीजीपी ने भी लोगों से रमजान में घरों पर ही नमाज पढ़ने और दूरी का पूरा ध्यान रखने की अपील की है. डीजीपी ने सभी एडीजी जोन, आइजी व डीआइजी रेंज, एसएसपी व एसपी को रमजान के दौरान सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर कड़े निर्देश दिए हैं. इसके अलावा सार्वजनिक इफ्तार पार्टियों पर करने से मना किया गया है. सरकार ड्रोन कैमरों के जरिए निगरानी करेगी.

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दिल्ली में रमजान को लेकर एडवाइजरी

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कह चुके हैं कि कोरोना की महामारी के चलते रमजान में भी कोई ढील नहीं दी जा सकती है. हालांकि, मनीष सिसोदिया ने कहा कि अजान के लिए कोई पाबंदी नहीं है. लॉकडाउन में मस्जिदों में नमाज़ के लिए इकट्ठा होने या किसी अन्य धार्मिक स्थल पर पूजा आदि के लिए लोगों के इकट्ठा होने पर पूरी तरह पाबंदी है.

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दिल्ली पुलिस के संदेश में भी कहीं अजान पर रोक लगाए जाने की बात नहीं है. प्रशासन ने रोजा और इफ्तार के दौरान सभी लॉकडाउ के नियमों का पालन करें और राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के नियमों के मुताबिक अजान की जा सकती है। दिल्ली पुलिस ने सभी से घरों के अंदर रहकर ही नमाज पढ़ने की अपील की है. मस्जिद में तरावीह की नमाज नहीं होगी.

हरियाणा सरकार के निर्देश

कोरोना महामारी फैलने के मद्देनजर लगे लॉकडाउन में हरियाणा की सरकारों ने मुस्लिमों से रमजान को लेकर विशेष अपील है. हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि रमजान का महीना शुरू हो रहा है, इस बार सामाजिक दूरी रखते हुए इसे मनाएं. घर पर ही रहकर नमाज-रोजा अदा करें. मुस्लिम समुदाय ऐसा करके अपने आप को और दूसरों को महामारी से सुरक्षित करेगा. इसके अलावा सरकार ने सार्वजानिक धार्मिक कार्य को करने से मना किया है.

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पंजाब सरकार ने जारी एडवाइजरी

पंजाब सरकार ने कोरोना के मद्देनजर पवित्र रमजान महीने को सुरक्षित ढंग से मनाने के लिए एक एडवाइजरी जारी किया है. पंजाब सरकार ने स्वतंत्र आवागमन और जलसा आदि करने पर भी रोक लगाई है. राज्य सरकार ने मुस्लिम समुदाय से आग्रह किया है कि वह सभी दिशा निर्देशों की सावधानीपूर्वक पालन करें. कोरोना के फैलाव के चलते रमजान के दौरान सभी मस्जिदों, दरगाहों, इमामबाड़ों और अन्य धार्मिक संस्थाएं बंद रहेंगी और लोगों को जलसा करके नमाज (नमाज-ए-बाजमात) अदा करने, जुमे की नमाज समेत तरावीह की नमाज अदा करने की पूरी तरह से मना किया है.

पंजाब सरकार ने इफ्तार पार्टियां और दावत-ए-सेहरी नहीं करने के निर्देश दिए हैं. मस्जिद परिसर के अंदर जूस, शरबत या खाने-पीने की अन्य चीजों या घर-घर जाकर बांटी जाने वाली चीजों के सार्वजनिक वितरण पर पूरी तरह पाबंदी है. इसके अलावा खाने-पीने की वस्तुओं की दुकानों, रेहडिय़ों को मस्जिद के नजदीक लगाने नहीं दिया जाएगा.पंजाब सरकार ने कहा कि अगर किसी को पहले से ही स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं, जैसे कि मधुमेह, हृदय रोग आदि से पीड़ित व्यक्ति सही डॉक्टरी सलाह के बाद ही रोजा रखे. इसके अलावा मस्जिद से इफ्तार और सहरी की अनाउंस करने की अनुमति होगी.

कर्नाटक सरकार की अपील

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कर्नाटक की येदियुरप्पा सरकार ने रमजान में मस्जिदों में सामूहिक नमाज के साथ-साथ दावत-ए-सहरी व इफ्तार पार्टी पर भी रोक लगा दी गई है. कर्नाटक अल्पसंख्यक कल्याण, वक्फ और हज विभाग ने एक एडवाइजरी जारी कर लोगों को जानकारी दी है. रमजान के दौरान मस्जिदों में पांच बार की सामूहिक इबादत करने की इजाजत किसी को भी नहीं दी जाएगी और ना ही मस्जिदों के कर्मचारियों द्वारा नमाज अदा करने के लिए जनता को बुलाया जाएगा.

इसके अलावा धीमी आवाज में अजान देने की अनुमति दी है. मस्जिद परिसर में मोहल्‍लों में वितरण के लिए किसी खाद्य सामग्री को तैयार नहीं किया जाएगा. इसके अलावा मस्जिद और दरगाह के आसपास कोई खाने की दुकान लगाने की भी इजाजत नहीं होगी. ऐसा न करने पर उल्‍लंघन करने वाले के खिलाफ वक्‍फ ऐक्‍ट 1995 के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.

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