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कोरोना वैक्सीन बनाने में लगीं कई कंपनियां, जानें कहां तक पहुंची तैयारी

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने तो यहां तक ऐलान कर दिया कि रूस ने दुनिया का पहली कोरोना वैक्सीन बना ली है. 11 अगस्त को उन्होंने पूरी दुनिया को यह बात बता दी. हालांकि उनके ऐलान से दुनिया के बाकी देश बहुत ज्यादा प्रभावित नहीं हुए.

सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 20 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 1:58 PM IST

  • दुनिया के कई देशों में वैक्सीन पर काम जारी
  • कई वैक्सीन ट्रायल के एडवांस स्टेज में पहुंचीं

कोरोना वायरस की वैक्सीन दुनिया की पहली वैक्सीन है जिसे इतनी जल्दी तैयार किया गया है. इससे पहले कंठमाला रोग (मंप्स) की वैक्सीन सबसे कम वक्त में तैयार की गई थी. हालांकि उसमें भी 4 साल का समय लगा था.

दुनिया में इस पर हो रहे काम को देखें तो लोगों के इस्तेमाल में लाए जाने से पहले दो दर्जन वैक्सीन इस रेस में हैं. कुछ वैक्सीन तो अब ट्रायल के एडवांस स्टेज में भी पहुंच गई हैं. कई देशों के बीच वैक्सीन बनाने को लेकर प्रतिस्पर्धा भी शुरू हो चुकी है. रूस, चीन, अमेरिका, ब्रिटेन और भारत अपनी देसी वैक्सीन बनाने के लगभग अंतिम चरण में हैं. इन देशों की कोशिश है कि अन्य के मुकाबले वे जल्दी इसे उतार दें.

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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने तो यहां तक ऐलान कर दिया कि रूस ने दुनिया का पहली कोरोना वैक्सीन बना ली है. 11 अगस्त को उन्होंने पूरी दुनिया को यह बात बता दी. हालांकि उनके ऐलान से दुनिया के बाकी देश बहुत ज्यादा प्रभावित नहीं हुए. इसके ट्रायल डाटा में झोल बताई जा रही है और इसमें पारदर्शिता की घोर कमी है. इसलिए रूस के दावे पर ज्यादा लोग ध्यान नहीं दे रहे हैं.

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रूसी राष्ट्रपति के ऐलान के 4 दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, तीन वैक्सीन टेस्टिंग के अलग-अलग चरण में हैं. वैज्ञानिकों की ओर से जैसे ही हरी झंडी मिलेगी, हमलोग इसके प्रोडक्शन की तैयारी शुरू कर देंगे. कम से कम वक्त में देश के लोगों तक कोरोना की वैक्सीन कैसे पहुंचे, हमने इसका रोडमैप भी बना लिया है. भारत की तीन कंपनियां वैक्सीन बना रही हैं जिननें बायोटेक इंटरनेशनल, जाइडस कैडिला और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया का नाम है.

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भारत बायोटेक कंपनी इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के साथ काम कर रही है. इसका ट्रायल भी चल रहा है. दूसरी ओर जाइडस कैडिला ह्यूमन क्लीनिकल ट्रायल के पहले और दूसरे दौर में पहुंच गई है. सीरम इंस्टीट्यूट वैक्सीन के फेज 2 और 3 का ट्रायल शुरू करने वाली है. पुणे स्थित इस कंपनी ने वैक्सीन बनाने के लिए एस्ट्राजेनेका के साथ साझेदारी की है.

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