
1- गोवा: मुख्यमंत्री पर्रिकर का निधन, प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक
गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का निधन हो गया है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट कर उनके निधन की जानकारी दी. राष्ट्रपति कोविंद ने पर्रिकर के निधन पर शोक जताया है. मनोहर पर्रिकर के निधन पर प्रधानमंत्री मोदी ने शोक जताते हुए कहा कि मैं बहुत ज्यादा दुखी हूं.
2- मनोहर पर्रिकर के जोश और जज्बे को सलाम, आखिरी दम तक ऐसे की जनता की सेवा
गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का रविवार को 63 साल की उम्र में निधन हो गया है. वह लंबे समय से बीमार थे और उनकी हालत बेहद नाजुक थी. मनोहर पर्रिकर एडवांस्ड पैंक्रियाटिक कैंसर से जूझ रहे थे. पिछले साल फरवरी में बीमारी का पता चलने के बाद उन्होंने गोवा, मुंबई, दिल्ली और न्यूयॉर्क के अस्पतालों में इलाज कराया, आखिरकार 17 मार्च को कैंसर के आगे वह जिंदगी की जंग हार गए.
3- 4 बार CM, 1 बार रक्षा मंत्री, संघ से था गहरा नाता... कुछ ऐसा था पर्रिकर का राजनीतिक सफर
गोवा के मुख्यमंत्री का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. वो लंबे से अग्नाशय के कैंसरे से पीड़ित थे. ईमानदारी और सादगी के लिए प्रसिद्ध पर्रिकर चार बार गोवा के मुख्यमंत्री रहे. 2014 में एनडीए सरकार में मनोहर पर्रिकर ने देश के रक्षा मंत्री की भूमिका निभाई. उनके निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शोक जताया है. बता दें कि पर्रिकर की गिनती प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भरोसमंद नेताओं में की जाती थी.
4- RSS के ‘मुख्य शिक्षक’ से ऐसे BJP के संकट मोचक बने मनोहर पर्रिकर
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक से देश के रक्षा मंत्री और गोवा के मुख्यमंत्री पद तक पहुंचे मनोहर पर्रिकर की उनके तटीय गृह राज्य गोवा में छवि एक सीधे सादे, सामान्य व्यक्ति की रही है. 63 वर्षीय पर्रिकर ने चार बार गोवा के मुख्यमंत्री के रूप में काम किया और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में रक्षा मंत्री के तौर पर तीन वर्ष सेवाएं दीं.
5- पर्रिकर मंत्रालय की बैठकों में भी सादा चप्पल में आते थे: स्मृति ईरानी
गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के निधन पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने दुख जताते हुए कहा कि उन्होंने सत्ता को हमेशा से सेवा का माध्यम माना. उन्होंने उंगली थामकर हमें बहुत कुछ सिखाया है. ईरानी ने कहा कि वह गोवा का अभिमान थे और उन्होंने गोवा की सेवा की है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संघर्ष कितना भी बड़ा हो लेकिन वह अंतिम क्षण तक गोवा की सेवा में लगे रहे.