
ओडिशा के कई इलाकों में बुधवार को तेज बारिश हुई. इससे निचले इलाकों में पानी भर गया और बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं. बताया जा रहा है कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र बन गया है, जिससे बारिश की संभावना बनी हुई है.
प्रदेश के मलकानगिरी जिले में लगातार बारिश के कारण वहां बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई थी. हालांकि मंगलवार से वहां स्थिति में सुधार होने लगा है. अधिकारियों ने कहा कि बारिश के ताजा दौर के कारण, जिले के कालीमेला और मथिली ब्लॉक के कुछ इलाकों में पानी सड़कों के ऊपर से बह रहा है.
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अधिकारियों के मुताबिक ओडिशा में 13 अगस्त से हो रही भारी बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई थी. सबसे ज्यादा मलकानगिरी जिले में स्थिति खराब हुई, जहां 933 गांवों में बाढ़ के हालात पैदा हो गए और 321 घरों को नुकसान हुआ.
भुवनेश्वर के मौसम केंद्र के मुताबिक एक नए निम्न दबाव वाला क्षेत्र बनने के कारण उत्तर और दक्षिण तटीय ओडिशा के अधिकांश हिस्सों में मंगलवार रात से भारी बारिश हुई है. निम्न दबाव वाला क्षेत्र अब बंगाल की खाड़ी के उत्तर पश्चिमी में बना हुआ है. जिसके गुरुवार तक धीरे-धीरे पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है.
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मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक एचआर विश्वास ने कहा, ''अलग-अलग तीव्रता की बारिश राज्य के उत्तरी, दक्षिणी और आंतरिक इलाकों में कम से कम दो दिनों तक जारी रहने की संभावना है.'' राज्य की राजधानी भुवनेश्वर और पड़ोसी कटक में मंगलवार रात से भारी बारिश हो रही है और कई निचले इलाकों में जलजमाव हो गया है.
21 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना
अधिकारियों ने कहा कि मंगलवार रात से दोनों शहरों में 100 मिमी बारिश दर्ज की गई है. इस महीने लगातार चार कम दबाव वाले क्षेत्र बनने के कारण राज्य में भारी वर्षा हो रही है. मौसम केंद्र ने कहा कि संबलपुर, झारसुगुड़ा, अंगुल, कटक, मयूरभंज, जाजपुर, ढेंकानाल, बालासोर, भद्रक और केंद्रपाड़ा जिलों में 21 अगस्त तक भारी बारिश होने की संभावना है.
लगातार बारिश से कई जिलों में प्रमुख नदियों का जल स्तर बढ़ने की संभावना है. हालांकि, इन जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति का कोई डर नहीं है. विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) पीके जेना ने कहा कि जिला कलेक्टरों को जल-जमाव और किसी भी क्षेत्र में संभावित स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है.