
हाल में अमेरिका से निर्वासित किए गए 104 भारतीय अब घर लौट चुके हैं. जानकारी के मुताबिक, अमेरिका से डिपोर्ट किए गए भारतीयों को मेक्सिको-अमेरिकी सीमा से पकड़ा गया था. कहा जा रहा है कि ये लोग भारत से वैध तरीके से रवाना हुए थे, लेकिन इन्होंने डंकी रूट के जरिए अमेरिका में घुसने की कोशिश की थी. हाथों में हथकड़ी लगाकर भारत भेजे गए इन लोगों की अपनी अलग- अलग दुखद कहानी है.
भारत लौटे इन्हें लोगों में से 33 गुजरातियों को भी अहमदाबाद पहुंचाया गया. जहां से अलग-अलग जिलों की पुलिस ने सभी यात्रिओं को उनके घर भेजा. इन प्रवासिओ में वडोदरा जिले के पादरा तहसील की एक 22 साल की लड़की भी शामिल थी जिसका नाम है खुशबू पटेल.
एक साल पहले खुशबू की गांधीनगर के युवक के साथ शादी हुई थी. सालभर दूर रहने के बाद खुशबू अब जाकर अमेरिका अपने पति के पास पहुंची थी. लेकिन वह पति के साथ केवल 25 दिन ही रह पाई थी कि उसे अवैध साबित होने पर वापस भेज दिया गया है. फिलहाल उसका पति अमेरिका में है. खुशबू ज्यादा पढ़ी लिखी भी नहीं है इसलिए उसे मालूम नहीं कि उसके कौन से डॉक्युमेंट में कमी थी. हालांकि, उसके परिवार वाले बता रहे है की खुशबू टूरिस्ट वीजा पर गई थी लेकिन उसके कौन से दस्तावेज कम पड़ गए वह अमेरिकी सरकार ही बता सकती है.
खुशबू के भाई ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि खुशबू अभी स्ट्रेस में है और बात करने में उसे दो चार दिन लगेंगे. उन्होंने कहा- हथकड़ी पहनाकर लाए जाने का ट्रॉमा जरूर है क्योंकि उसने कुछ गलत नहीं किया था.
ऐसी और भी कहानियां है जिसमें डिपोर्ट किए गए लोग और उनके परिजन बेहद दुखी हैं. किसी का कहना है कि उन्हें एजेंट ने झूठ बोलकर अवैध तरीके से अमेरिका भेजा था और वे फंस गए. कुछ लोग अमेरिका पहुंचने के लिए लिए गए लाखों के कर्ज में डूबे होने से स्ट्रेस में हैं. कई ऐसे भी है जिन्होंने अमेरिका में शिफ्ट होने के लिए जमीन, मकान तक बेच दिए थे.
इन्हीं में से एक नागपुर के हरप्रीत सिंह ललिया भी हैं. उन्होंने बताया कि उन्हें अमेरिका नहीं, बल्कि कनाडा जाना था. लेकिन एजेंट ने उनके साथ धोखा दिया, जिसकी वजह से वो अमेरिका पहुंच गए. उन्होंने बताया कि इस पूरे प्रकरण में उनके 50 लाख रुपये खर्च हो गए. ये पैसा उन्होंने 25 लाख रुपये एक्सिस बैंक से लोन लेकर और बाकी बचा हुआ पैसा कुछ सामान बेचकर दोस्तों और रिश्तेदारों से लिया था.