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भारत-चीन के बीच तनातनी जारी है. हाल में जारी गईं ताजा सैटेलाइट तस्वीरों से जाहिर होता है कि लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) के दोनों तरफ बिल्ड-अप बना हुआ है. गलवान नदी घाटी क्षेत्र में दोनों पक्ष आपस में दूरी बनाए हुए हैं. फिलहाल स्थिति ये है कि भारत और चीन के बीच गतिरोध खत्म करने के लिए 6 जून को लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की वार्ता होने की संभावना है.
वहीं, इस मसले पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एंट्री भी इसे सियासी तूल दे रही है. इस मुद्दे पर विपक्ष लगातार केंद्र को स्टैंड क्लीयर करने को कह रहा है. ट्रंप की एंट्री पर इंडिया टुडे के न्यूजट्रैक प्रोग्राम में Deputy Assistant Secretary of State for South Asia, Ayres Alyssa ने अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस मसले को सुलझाने को लेकर भारत के साथ खड़े हैं. इसे लेकर उन्होंने ट्वीट भी किया था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी.
हो सकता है नोबेल की उम्मीद करते हों ट्रंप
इससे पहले कश्मीर के मसले पर भी ट्र्रंप ने भारत-पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता का हाथ बढ़ाया था, लेकिन भारत ने इसे आंतरिक मामला बताते हुए अमेरिका को दखल देने से मना कर दिया था. Ayres Alyssa ने कहा कि ट्रंप अपनी छवि ग्लोबल मिडिएटर की बनाने चाहते हैं. हो सकता है डील मेकर बनकर वो नोबेल की उम्मीद करते हों.
चीन को घेरने के लिए बनाया चक्रव्यूह! किसी भी चाल को कामयाब नहीं होने देगा भारत
Ayres Alyssa ने कहा कि डोकलाम की घटना के बाद से अमेरिका भारत के ज्यादा करीब आ गया है. उनके बीच अच्छे संबंध हुए हैं. हॉन्गकॉन्ग में चीन रवैये से अमेरिका की आंखें खुल गई हैं. अब ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन भी चीन पर प्रेशर बनाना चाहता है. हालांकि चीन भारत के साथ ऐसी हरकतें क्यों कर रहा है, ये अब तक साफ नहीं हो पाया है.
पीएम मोदी और ट्रंप की हुई थी फोन पर बात
बता दें कि चीन से जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात की थी. इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी को जी-7 सम्मेलन के लिए न्योता दिया. दोनों नेताओं के बीच कोरोना महामारी, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) में सुधार और जी-7 को लेकर बात हुई. पीएम मोदी और ट्रंप के बीच भारत और चीन के बीच जारी विवाद को लेकर भी चर्चा हुई थी.
चीनी सेना की गतिविधियों की रिपोर्ट सौंपी
चीन से लद्दाख मुद्दे पर द्विपक्षीय वार्ता से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने पूर्वी लद्दाख में चीनी सेना की गतिविधियों की विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपी है. रिपोर्ट में चीन की गतिविधियों के साथ-साथ भारतीय सेना की तैयारियों के बारे में भी विस्तृत सूचना दी गई है. जिन सुरक्षा एजेंसियों की नजर लद्दाख की हालिया गतिविधियों पर है, उन सभी ने रिपोर्ट में सरकार को इस बात की जानकारी दी है कि कैसे पूर्वी लद्दाख में चीनी सेना की तैनाती की गई है.