
दस साल पहले समुद्र के रास्ते मुंबई पर हुए आतंकी हमलों के बाद देश की समुद्री ताकत लगातार बढ़ी है. ऐसा कहना है नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा का. नौसेना दिवस के मौके पर सोमवार को एडमिरल लांबा में कहा कि भारतीय नौसेना तटीय रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और भारत की पहली परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत की पहली पेट्रोलिंग पूरी होने से हमारी रक्षा प्रणाली और मजबूत हुई है.
नौसेना दिवस के मौके पर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए एडमिरल सुनील लांबा ने कहा कि 26/11 मुंबई हमले के दस साल बाद तटीय सुरक्षा की क्षमता काफी बढ़ी है. उन्होंने कहा कि आईएनएस विक्रांत के नौसेना में शामिल होने से हमारी ताकत बढ़ेगी. इसी के साथ स्कॉर्पीन क्लास की पनडुब्बियों ने भी अपने सभी ट्रायल पूरे कर लिए हैं. साथ ही नौसेना के हेलीकॉप्टर फ्लीट की कमी पूरी करने के लिए लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर की खरीद और 25 मल्टीरोल हेलिकॉप्टर की खरीद का रास्ता साफ हुआ है.
चीन की बढ़ती समुद्री ताकत का जिक्र करते हुए एडमिरल सुनील लांबा ने कहा कि हिंद महासागर में 6 से 7 चीनी युद्धपोत हैं. उन्होंने कहा कि चीन के मुकाबले हम हिंद महासागर में मजबूत हैं. और 2050 तक हमारी नौसेना भी सुपर पावर बन जाएगी, जिसके पास 200 शिप और 500 एयरक्राफ्ट होंगे. जहां तक पाकिस्तान का सवाल है हम उसके मुकाबले काफी बेहतर हैं.
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दो मोर्चों पर युद्ध की संभावना पर सुनील लांबा ने कहा कि भारतीय नौसेना के दो फ्रंट नहीं है, हमारे पास सिर्फ एक फ्रंट हिंद महासागर है. इसलिए हिंद महासागर में शक्ति का संतुलन हमारे पास है. जहां तक मालदीव का प्रश्न है तो वहां की सरकार हमारी सहायक है और हम भविष्य में मालदीव के साथ और भी युद्धाभ्यास करेंगे.
पाकिस्तान द्वारा जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किए गए कुलभूषण जाधव पर सुनील लांबा ने कहा कि हम लगातार उनके परिवार के संपर्क में हैं और उनकी हर संभव मदद की जा रही है.